वन विभाग की छाया में कट रहा हरा पेड़
फलदार आम का वृक्ष बना भ्रष्टाचार की बलि

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जलालपुर थाना क्षेत्र के चौरी बाजार महुवारी गांव में हरा-भरा, फलदार आम का पेड़ धड़ल्ले से काटा जा रहा है। न कोई रोक, न कोई टोक – मानो प्रकृति का सौदा सरकारी छांव में हो रहा हो।
जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण अभियान चला रहे हैं, तब जौनपुर के इस गांव में वन विभाग की शह पर हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। सवाल उठता है – क्या नीचे के अधिकारी सरकार की मंशा के खिलाफ काम कर रहे हैं?
पेड़ कटते रहे, अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे
स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ पूरी तरह से हरा-भरा और फलों से लदा था, फिर भी इसे काटा गया। वन विभाग से लेकर राजस्व विभाग तक किसी ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें या तो टाल दिया गया या धमकाया गया।
हरियाली पर हमला, प्रशासन बना मूकदर्शक
पर्यावरणविद् मानते हैं कि फलदार पेड़ काटना वन अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। लेकिन यहां न तो पेड़ काटने की अनुमति ली गई, न ही किसी प्रक्रिया का पालन हुआ।
प्रशासन से बड़ा सवाल
हरा फलदार पेड़ काटने की अनुमति किसने दी?
क्या वन विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई की?
सरकार के आदेशों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
अगर कोई शिकायत करे, तो क्या उसे डराया जाएगा?
जनता बोली – “अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो होगा बड़ा आंदोलन!”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे वन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
जन एक्सप्रेस की सीधी मांग
पेड़ काटने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
जांच कर दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए
गांव में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए
पेड़ बचाओ – पर्यावरण बचाओ
क्या सरकार सिर्फ भाषणों तक सीमित है? ज़मीन पर हरियाली या भ्रष्टाचार?
जन एक्सप्रेस का सवाल – “आख़िर हरियाली की हत्या का दोषी कौन?






