
जन एक्सप्रेस /पुरोला :- उप जिला चिकित्सालय पुरोला में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज असवाल और डॉ. कपिल तोमर के स्थानांतरण के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखाई देने लगा है। दोनों चिकित्सकों के जाने से अस्पताल में डॉक्टरों की कमी हो गई है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से सीमित संसाधनों के बीच संचालित अस्पताल में अब मरीजों का दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, जिससे मरीजों का समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ रहे हैं।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि दोनों चिकित्सकों के स्थान पर जल्द नए डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुरोला जैसे दूरस्थ क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसे में स्थानांतरित चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरना आवश्यक है, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रहित को देखते हुए वर्तमान विधायक दुर्गेश लाल और पूर्व विधायक मालचंद ने भी दोनों चिकित्सकों के तबादले को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन स्थानांतरण आदेश लागू हो गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और कई लोग डॉ. मनोज असवाल की पुरोला में पुनः तैनाती की मांग कर रहे हैं।






