
जन एक्सप्रेस /घनसाली :- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के भिलंगना ब्लॉक स्थित सेमल्थ गांव में दो भाइयों ने 20 वर्षों से बंजर पड़ी जमीन को फिर से उपजाऊ बनाकर खेती की नई मिसाल पेश की है। सुधीर नौटियाल और गीताराम नौटियाल ने परती पड़ी लगभग तीन हेक्टेयर भूमि को साफ कर खेती योग्य बनाया और आज वहां सब्जियों, दलहनी फसलों के साथ-साथ फलदार पौधों की सफल खेती कर रहे हैं।
सुधीर नौटियाल ने बताया कि पिछले वर्ष झाड़ियों से ढकी करीब तीन हेक्टेयर भूमि की सफाई कर उसे खेती योग्य बनाया गया। इसके बाद सर्दियों में मटर, लहसुन और अन्य सब्जियों की खेती की गई, जिससे अच्छी पैदावार प्राप्त हुई। वर्तमान में उसी भूमि पर धान और विभिन्न दलहनी फसलें उगाई जा रही हैं।
खेती के साथ-साथ उन्होंने उद्यान विकास को भी बढ़ावा देते हुए अखरोट, सेब, नाशपाती और आड़ू जैसे फलदार पौधों का रोपण किया है। उनका कहना है कि यदि सरकार और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिलता रहा तो इस अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।
सुधीर नौटियाल के अनुसार, इस पहल से गांव के युवाओं का खेती की ओर रुझान बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक खेती गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने इस कार्य में सहयोग के लिए ग्राम प्रधान अमित गौड़, क्षेत्र पंचायत सदस्य गुड्डी कुकरेती, विजय कुमाई तथा जियो टैंक निर्माण में सहयोग देने के लिए कृषि विभाग घनसाली का आभार व्यक्त किया।
इस पहल का निरीक्षण करने पहुंचे भिलंगना ब्लॉक प्रमुख राजीव कंडारी ने दोनों भाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में उन्नत प्रजाति की सेब पट्टी विकसित करने की योजना पर कार्य किया जाएगा, जिससे स्थानीय किसानों को आधुनिक बागवानी से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा सके।
सेमल्थ गांव की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और विभागीय सहयोग से वर्षों से बंजर पड़ी भूमि को भी फिर से हरा-भरा और उत्पादक बनाया जा सकता है।






