केजरीवाल सरकार और LG फिर आमने-सामने
दिल्ली में उपराज्यपाल और केजरीवाल सरकार एक बार फिर से आमने-सामने है। इस बार मामला कुछ और है। पिछली बार कथित शराब घोटाले को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल आमने-सामने थी। अब 1000 लो फ्लोर डीटीसी बस की खरीद में कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर उपराज्यपाल ने सीबीआई को शिकायत भेजने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एलजी के इस कदम को लेकर दिल्ली सरकार की ओर से भी जवाब आ गया है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि टेंडर रद्द हो गए थे और बस से कभी खरीदी ही नहीं गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज मीडिया के सामने आए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दिल्ली को थोड़े पढ़े-लिखे राज्यपाल की जरूरत है। मौजूदा राज्यपाल को यह नहीं पता है कि वह किस पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। आप का साफ तौर पर दावा है कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ निराधार शिकायत के बाद अब चौथे मंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
दिल्ली में उपराज्यपाल और केजरीवाल सरकार एक बार फिर से आमने-सामने है। इस बार मामला कुछ और है। पिछली बार कथित शराब घोटाले को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल आमने-सामने थी। अब 1000 लो फ्लोर डीटीसी बस की खरीद में कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर उपराज्यपाल ने सीबीआई को शिकायत भेजने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एलजी के इस कदम को लेकर दिल्ली सरकार की ओर से भी जवाब आ गया है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि टेंडर रद्द हो गए थे और बस से कभी खरीदी ही नहीं गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज मीडिया के सामने आए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दिल्ली को थोड़े पढ़े-लिखे राज्यपाल की जरूरत है। मौजूदा राज्यपाल को यह नहीं पता है कि वह किस पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। आप का साफ तौर पर दावा है कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ निराधार शिकायत के बाद अब चौथे मंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
शिकायत सीबीआई को भेजी
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने डीटीसी द्वारा 1,000 लो-फ्लोर बसों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए सीबीआई को शिकायत भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक शिकायत में दावा किया गया था कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने “पूर्व नियोजित तरीके से” परिवहन मंत्री को बसों की निविदा व खरीद के लिए गठित समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया था कि इस निविदा के लिए बोली प्रबंधन सलाहकार के रूप में डीआईएमटीएस की नियुक्ति गलत कामों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से की गई थी।






