
जन एक्सप्रेस थराली (चमोली)। ल्वाणी गांव में स्थिति गंभीर होती जा रही है। पिछले 12 दिनों से लोहाजंग वाण सड़क धंसी हुई है, जिससे आठ ग्राम पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। गांव के 50 मकानों में दरारें लगातार गहरी हो रही हैं, और कई घर अब रहने लायक नहीं बचे हैं। लोगों की चिंता और दहशत दोनों बढ़ती जा रही हैं। भू-वैज्ञानिकों की टीम बृहस्पतिवार शाम को गांव पहुंची और सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इलाके का ट्रीटमेंट संभव है या विस्थापन ही एकमात्र विकल्प बचा है।
2024 में भी हुआ था भू-धंसाव, अब तक नहीं हुआ ट्रीटमेंट
स्थानीय लोगों का कहना है कि 2024 में भी इसी स्थान पर सड़क धंसी थी, लेकिन सरकार और प्रशासन ने भू-धंसाव क्षेत्र का स्थायी उपचार नहीं कराया। इस बार भी लोनिवि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
विधायक व प्रशासन ने किया स्थलीय निरीक्षण
बृहस्पतिवार को विधायक भूपाल राम टम्टा, एसडीएम पंकज भट्ट, ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत और लोनिवि के अधिकारी गांव पहुंचे। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क के ऊपर व नीचे सुरक्षा दीवार का निर्माण शीघ्र कराया जाए और सड़क को जल्द से जल्द खोला जाए।
गांव में दहशत, हर घर में दरारें
गांव की निवासी और जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट ने बताया कि पूरे गांव की जमीन खिसक रही है। कई घर अब पूरी तरह से असुरक्षित हो चुके हैं। घर के आंगन, पिछवाड़े और दीवारों में गहरी दरारें आ चुकी हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव में रहना खतरे से खाली नहीं है।
सुरक्षा दीवार की दरकार, भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट पर टिकी उम्मीदें
एसडीएम पंकज भट्ट ने कहा कि गांव में प्रत्येक घर की स्थिति की जांच कराई जा रही है। भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के बाद इलाके के ट्रीटमेंट या विस्थापन को लेकर फैसला लिया जाएगा। यदि उपचार संभव नहीं होता है तो विस्थापन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।
स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान मीना देवी, ज्येष्ठ उप प्रमुख दीपक गड़िया, पूर्व प्रमुख नंदा देवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष उमेश मिश्रा, नरेंद्र बिष्ट, रमेश गड़िया, गंगा सिंह, लखन रावत, कृष्णा सिंह, कृष्णा बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट और धर्मेंद्र बिष्ट भी मौजूद रहे।






