विराट हिंदू सम्मेलन में एकजुटता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का संदेश

जन एक्सप्रेस/हाथरस: स्थानीय नगर सासनी की पावन धरती पर आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को एक नई ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज आज एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
दीप प्रज्ज्वलन से हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सुमधुर भजनों के साथ किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता राकेश शर्मा ‘राजा जी’ ने की। मंच से जैसे ही भक्ति संगीत की स्वर लहरियां गूंजीं, वैसे ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का दिल जीत लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और धार्मिक आस्था की झलक साफ दिखाई दी। इन प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि संस्कारों का भी सशक्त संदेश दिया।
महामंडलेश्वर का आशीर्वचन
वृंदावन स्थित योगानंद पीठ से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी रुद्रदेवानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित जनसमूह को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता है और जब समाज संगठित होता है, तब वह हर चुनौती का सामना कर सकता है। उनके प्रवचन ने श्रद्धालुओं को आत्मिक ऊर्जा से भर दिया।
वक्ताओं ने दिए सामाजिक संदेश
मुख्य वक्ता डॉ. अरुणा सिंह सिकरवार ने हिंदू समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने का आह्वान किया।
वहीं अमर वीर जी ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्म से होना चाहिए।
माधुरी सिंह ने माताओं और बहनों से अपील की कि वे नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने में अपनी भूमिका निभाएं, क्योंकि मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज का निर्माण होता है।
ठा. अविनाश सिंह ने संगठन की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठित हिंदू समाज ही अपनी पहचान और संस्कृति की रक्षा कर सकता है।
युवाओं को मिला प्रेरणा संदेश
विजय शर्मा उर्फ बेंजू पंडित ने युवाओं को अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करने और समाज के अंतिम व्यक्ति की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। उनके संबोधन ने युवाओं में उत्साह और जिम्मेदारी की भावना का संचार किया।
आयोजन समिति ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अमित भार्गव और वरिष्ठ अधिवक्ता वार्ष्णेय ने विशाल जनसमूह की उपस्थिति के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अपार भीड़ समाज की जागरूकता और संकल्प की मजबूती का प्रतीक है।
सहयोगियों की अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से स्वप्निल भारद्वाज, शुभम उपाध्याय, बजरंग दल से अंकित उपाध्याय सहित भानु लड़ौता, अनमोल और कुणाल मिश्रा का विशेष योगदान रहा।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, भानु सक्सेना, हरिशंकर वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। सम्मेलन ने सासनी को एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।






