लखनऊ

उपन्यास उपनिषद की तरह ही होता हैः प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित

लखनऊ । साहित्यकार एवं सेना में कर्नल रवीन्द्र के दो उपन्यासों का गुरुवार को लखनऊ में लोकार्पण हुआ। पहला उपन्यास ’लौट आओ मां’ व दूसरा ’सवाल’ था। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ लिटरेरी क्लब व अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्था, बंगलुरू की ओर से गोमती नगर स्थित उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी में किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ लोक साहित्यकार पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह ने अपने वक्तव्य में कर्नल रवीन्द्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों पुस्तकों में जो सवाल उठाया है वह उन्होंने खुद से नहीं पूछा है बल्कि रवीन्द्र जी ने समाज के सामने एक समस्या रखी है और उसका समाधान पाठकों के ऊपर छोड़ दिया है. क्योंकि पाठक युगदृष्टा होते हैं।

डॉक्टर करुणा पांडे ने कहा कि कर्नल रविंद्र ने जिस प्रकार से एक पुरुष होते हुए नारी मन की व्यथा को सामने रखा है और उसका समाधान प्रस्तुत किया है. यह सिद्ध करता है कि हर पुरुष के मन में एक नारी मन भी होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने अपने वक्तव्य में बताया कि उपन्यास उपनिषद की तरह ही होता है। इसमें समाज की समस्याओं और समाज के ज्वलंत प्रश्नों को उछाला जाता है और उनका समाधान देने का प्रयास किया जाता है ।

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