नाबालिक मौत के मामले में थानाध्यक्ष दुबौलिया लाइन हाजिर, जांच के आदेश
पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री देने से नाबालिक की हुई थी मौत

जन एक्सप्रेस/ बस्ती: नाबालिक आदर्श उपाध्याय की मौत के मामले में आखिरकार थाना अध्यक्ष दुबौलिया जितेंद्र कुमार को पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर कर दिया है। आपको बता दे की पुलिस पर आरोप था कि नाबालिक आदर्श उपाध्याय पुलिस में पीट कर मार डाला था। जिसको लेकर कल से ही परिजन करवाई पर अड़े थे।
दुबौलिया थाना क्षेत्र में मंगलवार 25 मार्च की शाम को पुलिस द्वारा की गई पिटाई की वजह से 17 साल के आदर्श उपाध्याय की मौत हो गई। नाबालिग की मौत के बाद दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभई गांव में तनाव के हालात पैदा हो गए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से आदर्श की मौत हुई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा के सख्त तेवर के बाद हुई कार्रवाई
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक मिश्र के सख्त तेवर के बाद पुलिस प्रशासन को बैक फुट पर आना पड़ा। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने मामले में कार्रवाई करते हुए थाना अध्यक्ष दुबौलिया जितेंद्र सिंह को लाइन हाजिर व थाने के एक सिपाही और दरोगा को सस्पेंड कर दिया है।
सपा ने भी दिया था अल्टीमेटम,लड़ेंगे आर- पार की लड़ाई
मामला तब तूल पकड़ने लगा जब पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा दुबौलिया थाना अध्यक्ष पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया। जिससे विपक्ष के लोगों द्वारा मांग की जाने लगी की अगर प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं होती है तो वह आर- पार की लड़ाई लड़ेंगे। विधायक महेंद्र नाथ यादव व सपा नेता प्रवीण पाठक ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था कि अगर परिजनों को न्याय नहीं मिला तो सपा के लोग न्याय दिलाने के लिए आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।
सोशल मीडिया से लेकर सर्व समाज के लोग कर रहे थे कार्रवाई की मांग
पुलिस की थर्ड डिग्री से नाबालिक की मौत के मामले में पूरे बस्ती जिले में जन आक्रोश था। जिसको लेकर सभी समाज के लोग दुबौलिया थाना अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस पूरे मामले में युवा से लेकर तमाम संगठन के समाजसेवी पुलिस को ऊपर कठोर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
सत्येंद्र सिंह भोभाजपा नेता लू ने पुलिस प्रशासन पर सरकार की छवि खराब करने का लगाया आरोप
भाजपा की वरिष्ठ नेता सतेंद्र सिंह भोलू ने प्रशासन पर सरकार की छवि खराब करने आरोप लगाते हुए कहा कि 6 वर्ष पूरा होने पर जिसका तबादला गैर जनपद होना चाहिए उसको बस्ती कप्तान ने थाना अध्यक्ष की कुर्सी दे रखी है।






