पंचायती राज समिति की बड़ी बैठक शुरू
चित्रकूट, झाँसी और आज़मगढ़ मंडलों पर होगा मंथन

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: प्रदेश की पंचायत व्यवस्था को सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए लखनऊ में तीन दिवसीय पंचायती राज समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आगाज़ हो गया है। 18, 19 और 20 जून को आयोजित इस बैठक में चित्रकूट, झाँसी और आज़मगढ़ मण्डल के पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता राज्य की पंचायती राज समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा की जा रही है। इसमें ग्रामीण विकास, पंचायत संचालन, वित्तीय पारदर्शिता, डिजिटल निगरानी, तथा मनरेगा जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है।
ग्राम स्तर पर बदलाव की नींव
बैठक में तीनों मंडलों के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जमीनी स्तर की चुनौतियों, सफल प्रयोगों और सुधारात्मक सुझावों को साझा किया जा रहा है। पंचायतों में डिजिटल रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन लेखा जोखा, एवं ग्राम सभाओं की प्रभावशीलता जैसे विषयों पर भी मंथन हो रहा है।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर ज़ोर
समिति ने स्पष्ट किया है कि अब गांवों में योजनाओं का संचालन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। हर पंचायत को जवाबदेह बनाया जाएगा और विकास कार्यों की जमीनी निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी।
तीन दिन, तीन मंडल, एक लक्ष्य — मजबूत पंचायतें
तीन दिवसीय इस बैठक के जरिए सरकार का मकसद स्पष्ट है — “गांवों के विकास को नई रफ्तार देना, और पंचायती व्यवस्था को जनविश्वास के केंद्र में लाना।”
पंचायती राज समिति की यह बैठक न सिर्फ नीतिगत चर्चाओं का केंद्र बनी है, बल्कि यह आने वाले दिनों में ग्राम पंचायतों के कामकाज में बड़े बदलाव का संकेत भी दे रही है।





