मन की बात में पीएम मोदी ने इसरो की तारीफ की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अक्टूबर) को अपने ‘मन की बात’ के 94वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत छठ पूजा के मौके पर देशवासियों को बधाई देकर की। भारत की संस्कृति और त्योहारों में प्रकृति के समावेश के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ पूजा का अवसर हमें हमारे जीवन में सूर्य और सौर ऊर्जा के महत्व के बारे में बताता है। गुजरात-मोढेरा में सौर ऊर्जा के महत्व और पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलने वाले गांव के बारे में बात करने से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की हालिया उपलब्धि तक, आज के मन की बात में शामिल होने के प्रमुख बिंदु हैं।
पीएम ने आगे कहा, “पहले भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र सरकारी प्रणालियों के दायरे में सीमित था। जब यह अंतरिक्ष क्षेत्र भारत के युवाओं के लिए, भारत के निजी क्षेत्र के लिए खोला गया, तो इसमें क्रांतिकारी बदलाव आने लगे हैं।” अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण से “जय अनुसंधान” दोहराते हुए, पीएम मोदी ने कहा, मैंने लाल किले से ‘जय अनुसंधान’ का आह्वान किया था। मैंने इस दशक को टेकेड ऑफ इंडिया बनाने की बात भी कही थी। पीएम ने कहा, मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि हमारे आईआईटी के छात्रों ने अब लक्ष्य हासिल कर लिया है।
पीएम मोदी ने दर्शकों को राष्ट्रीय एकता दिवस की याद दिलाई जो हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। पीएम ने ‘मिशन लाइफ’ अभियान के बारे में भी बात की जिसका उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा करना है और नागरिकों से अभियान को जानने और समर्थन करने का आग्रह किया।






