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तेजी और त्योहारी मांग से सभी खाद्य तेलों के भाव सुधरे

विदेशी बाजारों में तेजी और त्योहारों की वजह से खाद्य तेलों की मांग बढ़ने के बीच शुक्रवार को स्थानीय बाजार में सभी तेल-तिलहनों के भाव में बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर रुपये में कमजोरी से सभी आयातित खाद्य तेलों की कीमतें बढ़ने से भी इनके भाव को मजबूती मिली है। बाजार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में करीब 3.8 प्रतिशत की तेजी है और शिकॉगो एक्सचेंज में भी तेजी रही है। बाजार सूत्रों के मुताबिक, लगभग चार-पांच महीने पहले 2,150 डॉलर प्रति टन कांडला पामोलिन का भाव गिरकर 900 डॉलर प्रति टन होने से अग्रणी पाम ऑयल उत्पादक देश इंडोनेशिया इसे बायो-डीजल में इस्तेमाल करने की सोच रहा है।

कि हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत ज्यादातर राज्यों में देरी से बारिश होने के कारण फसलों की आवक में देरी होने से सोयाबीन और बिनौला तेल की कीमतों में सुधार आया है। इसके अलावा किसानों द्वारा कम दाम में बिकवाली न करने से सरसों तेल-तिलहन के भाव भी सुधार के साथ बंद हुए। हालांकि पिछले साल की तुलना में सरसों के भाव 30 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ते हैं।

शुक्रवार को खाद्य तेल व्यापारियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर तेल-तिलहन पर लगी स्टॉक सीमा खत्म करने का अनुरोध किया। खाद्य तेल व्यापारियों के मुताबिक, पिछले साल अगस्त के मुकाबले सोयाबीन के दाम आधे से भी कम रह गए हैं। वहीं दिवाली के बाद मंडियों में सोयाबीन की आवक बढ़ेंगी, लेकिन स्टॉक सीमा लगने से किसानों को नुकसान होगा। सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री ने तेल तिलहन जैसे- सोयाबीन, सरसों और कच्चा पाम तेल का वायदा कारोबार चालू करने की बात कही।

हालांकि कारोबारी सूत्रों का मानना है कि तेल-तिलहन का वायदा कारोबार शुरू नहीं होना चाहिए क्योंकि इसमें उद्योग और किसानों का भारी नुकसान है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को खाद्य तेलों की आपूर्ति श्रृंखला बनाये रखने के लिए सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल के आयात की सीमा पूरी तरह खत्म कर देनी चाहिये या फिर पहले की तरह पांच प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया जाए। शुल्कमुक्त आयात के बाद ‘शार्ट सप्लाई’ (कम आपूर्ति) की वजह से ये तेल प्रीमियम के साथ बिक रहे हैं। शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे: सरसों तिलहन – 6,695-6,725 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली -7,120-7,185 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,750 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,730-2,900 रुपये प्रति टिन सरसों तेल दादरी- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 2,120-2,250 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,190-2,305 रुपये प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,000-19,500 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल। 10100 पामोलिन एक्स- कांडला- 9,150 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

JAN EXPRESS

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