स्वीडन के पर्यावरण वैज्ञानिक ने बाजार में बेची जैविक सब्जियां

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हमीरपुर।  स्वीडन की गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय में बतौर पर्यावरण वैज्ञानिक काम करने वाले डा.रविकांत पाठक ने रविवार को यहां हमीरपुर में बाजार में अपने खेत में उगाई गयी जैविक सब्जियों का स्टाल लगाया। उन्होंने शाम तक सब्जियां बेचकर हजारों रुपये अर्जित किये है।
जनपद के बिंवार थाना क्षेत्र के रूरीपारा गांव निवासी डा.रविकांत पाठक स्वीडन में गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय में बतौर पर्यावरण वैज्ञानिक है। ये कुछ समय से अपने गांव में रह रहे है। उन्होंने छेनी बसायक एवं रूरीपारा में भारत उदय कर्मयोगी आश्रम बनवा रखा है। भारत उदय कर्मयोगी संस्थान के जरिये ये आये दिन कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे है। इन्होंने अपने संस्थान और आश्रम के आसपास काफी बड़े इलाके में जैविक सब्जियां उगाई है।
आज बिंवार कस्बे में पर्यावरण वैज्ञानिक ने न सिर्फ बाजार में जैविक सब्जियों का स्टाल लगाया बल्कि खुद अपने हाथों से ग्राहकों को सब्जी भी बेचते रहे। साथ ही सब्जी खरीदने आने वाले लोगों को जैविक खेती को अपनाने के लिये प्रेरित करते हुये टिप्स भी दिये। शाम तक इनके स्टाल में जैविक सब्जी काफी मात्रा में बिक चुकी थी। उन्होंने बताया कि आज के दौर में रसायनिक उर्वरकों से पैदा की गयी सब्जियों के प्रयोग से लोगों में तरह-तरह की बीमारियां हो रही है। इसलिये गंभीर बीमारी से निजात पाने के लिये अब लोगों को जैविक सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिये।
उनका मानना है कि रसायनिक उर्वरकों के निरंतर प्रयोग से खाद्य पदार्थ अब बेहद हानिकारक हो चुके है। ज्यादातर लोग पेट सम्बन्धी बीमारी से परेशान रहते है। बता दे कि डा.रविकांत पाठक ने आम आदमी पार्टी से जुड़कर यहां लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाया था लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी।

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