
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: हरिद्वार में प्रयाग संगीत समिति द्वारा आयोजित 63वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता प्रयागराज में संपन्न हुई, जिसमें देशभर से लगभग 600 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या के आशीर्वाद व मार्गदर्शन लेकर प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु विश्वविद्यालय के संगीत वाद्य अध्ययन केन्द्र से 9 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का दल प्रयागराज गया था। विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण पुरस्कार अर्जित किए।
प्रतियोगिता से लौटने पर विद्यार्थियों ने प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या से भेंट की और अपनी उपलब्धियों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, समर्पण तथा संस्थान में मिल रहे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने प्रतियोगिता में देव संस्कृति विश्वविद्यालय सहित देवभूमि उत्तराखण्ड का नाम संगीत जगत में गौरवान्वित करने पर सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
देसंविवि के संगीत वाद्य अध्ययन केन्द्र के अनुसार 63वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में देश के 600 से अधिक विद्यार्थी कलाकार शामिल थे। सभी ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में देवभूमि उत्तराखण्ड के गौरव देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने वर्षों की मेहतन का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग (तबला वादन) में लक्ष्मी शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सत्यम कटरे ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इसी वर्ग में निवेदिता पाण्डेय एवं आर्यनजीत पटेल ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सामान्य वर्ग (भरतनाट्यम) में स्वास्तिका जायसवाल ने द्वितीय स्थान अर्जित कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं विशेष वर्ग (मृदंग/पखावज वादन) में जयेन्द्र श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अन्य प्रतिभागियों रूपा रंजन, क्षितिज बैरागी एवं ओम नारायण शर्मा ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। ये सभी विद्यार्थी देवसंस्कृति विवि के संगीत विभाग से जुड़े हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रशस्त पत्र आदि भेंटकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






