
जन एक्सप्रेस/देहरादून(उत्तराखण्ड) : शिव-पार्वती के पावन विवाह स्थल त्रियुगीनारायण को अब वैदिक पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। यह घोषणा पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान की। मंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल की पौराणिक महत्ता और प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए इसे वैदिक पर्यटन केंद्र घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा त्रियुगीनारायण
महाराज ने बताया कि त्रियुगीनारायण मंदिर अब एक लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विवाह स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कैंपिंग प्रशिक्षण दिए जाने की योजना भी तैयार की जा रही है।
केदारखंड मंदिर मिशन का मास्टर प्लान मानसखंड की तर्ज पर
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारखंड मंदिर मिशन का मास्टर प्लान मानसखंड मंदिर माला मिशन की तर्ज पर तैयार किया जाए। इससे क्षेत्र के मंदिरों और धार्मिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास संभव होगा।
चारधाम यात्रा को लिम्का बुक में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू
मंत्री ने बताया कि शीतकालीन चारधाम यात्रा को प्रोत्साहित करने और चारधाम यात्रा को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्होंने नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए और कुरुड़ को यात्रा पड़ाव में शामिल करने की बात कही।
48,676 लाख रुपये की योजनाएं स्वीकृत
- राज्य में पर्यटन विकास को लेकर अब तक ₹48,676 लाख की योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।
- महासू देवता हनोल में 2246.76 लाख की लागत से वीआईपी लॉन्ज, धर्मशाला, यज्ञशाला सहित 10 निर्माण कार्य चल रहे हैं।
- मानसखंड मिशन के पहले चरण में 16 मंदिरों के अवस्थापना विकास हेतु ₹51.14 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।
- कैंची धाम परिसर में ₹40.81 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
डेस्टिनेशन वेडिंग को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने ‘वेड इन उत्तराखंड-2025’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत थानों (टिहरी), त्रियुगीनारायण और ऋषिकेश में अवस्थापना विकास किया जाएगा। इस योजना से उत्तराखंड को देश का प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।






