जल जीवन मिशन की आड़ में कार्यदाई संस्था का चल रहा भ्रष्टाचार मिशन

रिपोर्ट – सचिन वन्दन जन एक्सप्रेस चित्रकूट। ग्रामीणों की प्यास बुझाने सरकार की ओर से शुरू की गई योजना जल जीवन मिशन योजना से लोगों की प्यास भले ना हि बुझ पा रही हो, लेकिन योजना जिम्मेदारों के जिगर तर जरूर होते नजर आ रहे हैं। चित्रकूट में जिम्मेदारों ने इस योजना में करोड़ों रुपए का घोटाला कर योजना को पूरा करने का दावा किया है। यह कमाल समूचे चित्रकूट जिले में किया गया है।
अगर किसी भी योजना, परियोजना का नेतृत्वकर्ता ठीक न हो तो उसमें प्रगति मिलना असंभव है। ठीक इसी तरह जनपद में जल जीवन मिशन योजना का भी हाल है। चित्रकूट जिले में जल जीवन मिशन योजना में दो कार्यदाई संस्था ‘जीवीपीआर’ और ‘एल एंड टी’ काम कर रही हैं। दोनों कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मानिकपुर में कार्य कर रही कार्यदाई संस्था जीवीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर एस मौर्या के गैरजिम्मेदारी पूर्ण कार्य से जल जीवन मिशन योजना पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। वहीं कर्बी , राजापुर आदि क्षेत्र में कार्य कर रही कार्यदाई संस्था ‘एल एंड टी’ के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित सहाय की लापरवाही पूर्ण कार्यशैली से योजना का कार्य सुषुप्त अवस्था में है। ऐसे में लोगों की प्यास बुझ पाना बेहद मुश्किल लग रहा है।
कागजों में पूरा काम दिखाकर किया घोटाला
जल जीवन मिशन योजना का कार्य सिर्फ कागजों में ही पूरा हुआ है, जबकि हकीकत में तो आज भी अधूरा ही है। आरोप है कि जिम्मेदारों ने धरातल पर अधूरा और कागजों में पूरा काम दिखाकर बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। अधिकांश गावों में पाइपलाइन लीकेज है, वहीं गुणवत्ताविहीन बनी टंकी भी फुहारा छोड़ रही हैं। सरकार की इस जन कल्याणकारी योजना को भरकर भरकर दोनों हाथों से लूट रहे हैं, लेकिन देखने सुनने वाला कई नहीं है। मानिकपुर क्षेत्र के किहुनिया ग्राम पंचायत के बंधा भीतर गांव में कई घरों में अभी भी कनेक्शन नहीं किए गए हैं। इसी गांव में स्टैंड को बगैर कंक्रीट किए पेमेंट करा लिया गया है। यहां कई घरों में नल कलेक्शन भी नहीं किए गए। योजना के सहायक अभियंता ने बताया कि बंधा भीतर गांव में 24 कनेक्शन किए गए हैं, छुटे हुए घरों में जल्द कनेक्शन कराए जाएंगे।
किहुनिया टंकी में लगा चेकबॉल अक्सर रहता खराब
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किहुनिया ग्राम पंचायत में नवनिर्मित टंकी में लगे चेकबाल अक्सर खराब रहता है। बार-बार खराब हो रहे चेकबाल से जहां जलापूर्ति में समस्या आ रही है वहीं चेकबाल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, या फिटिंग गड़बड़ी हुई है या तो घटिया कंपनी का चेकबाल लगाया गया है। ऐसे में योजना चालू होने से पहले ही फेल होती दिख रही है।
चहेते ठेकेदारों को दी प्राथमिकता
कार्यदाई संस्था ‘ जीवीपीआर’ और ‘ एल एंड टी’ के प्रोजेक्ट मैनेजर व इंजीनियर अपने चहेते ठेकेदारों को काम देकर योजना को खुलेआम लूट रहे हैं। मानिकपुर क्षेत्र में कार्य कर रही जीवीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर एस मौर्या ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लूटने के लिए अपने चहेते रिश्तेदारों को सौंप दी है। गैरजिम्मेदार प्रोजेक्ट मैनेजर एस मौर्या की कार्ययोजना पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। मानिकपुर क्षेत्र में यह योजना फुस्स हो गई है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा इस भीषण गर्मी में गांव-गांव में लगी हजारों टोटियों में आज भी पानी आने का इंतजार है।
पीएम से जुड़े चहेते ठेकेदारों ने बनाया लूटपाट का अड्डा
कर्बी, राजापुर आदि क्षेत्र में कार्य कर रही कार्यदाई संस्था’ एल एंड टी’ के लापरवाह अकर्मण्य प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित सहाय की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संस्थान से जुड़े सूत्रों की माने तो प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजीनियरों के खास ठेकेदारों के द्वारा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को लूट का अड्डा बना लिया है। सबसे खास बात तो यह है कि,चित्रकूट जनपद के किसी भी गांव में 100% कार्य नहीं हुआ है। इसके सबसे बड़े दोषी हैं कार्यदाई संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। बड़ा सवाल यह है कि, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने वालों पर आखिर योगी सरकार का चाबुक कब चलेगा?
जांच होने पर बड़े भ्रष्टाचार का हो सकता है खुलासा
हर गांव में सड़क निर्माण, पानी की टंकी निर्माण व पाइपलाइन में भारी धांधली की गई है। जल जीवन मिशन योजना की निष्पक्षता से जांच होने पर बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।






