उत्तर प्रदेशमहराजगंज

ईटहिया शिव मंदिर पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

मेले में खतरे की आशंका के बीच चल रहा बड़ा झूला, प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बना जांच का विषय

जन एक्सप्रेस/महराजगंज : पूर्वांचल में मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध ईटहिया के पंचमुखी शिव मंदिर पर श्रावण मास के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक व पूजा अर्चना के लिए शिवभक्तों का सैलाब सुबह भोर से उमड़ने लगा। देखते ही देखते मंदिर परिसर शिव भक्तों से भर गया। पुलिस प्रशासन के लोग बड़ी मशक्कत से भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे। वही शिव भजनों व महादेव के जयकारों से माहौल पूरे दिन भक्तिमय रहा।

भारत नेपाल अंतराष्ट्रीय बार्डर से सटे ठूठीबारी कोतवाली अंतर्गत ईटहिया के चर्चित पंचमुखी शिव मंदिर आस्था का बहुत बड़ा प्रमुख केंद्र है। दूसरे सोमवार को सुबह करीब चार बजे से ही शिव भक्तों का रेला लगना शुरू हो गया है। ठूठीबारी, महराजगंज, सिसवा, गड़ौरा, निचलौल, बरगदवा, शिलतापुर, बहुआर व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के महेशपुर, नवलपरासी, त्रिवेणी, बुटवल सहित बिहार प्रान्त से भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर श्रद्धा उत्साह के साथ भगवान शिव को जलाभिषेक कर उन्हें बेलपत्र, भांग, दूध, धतूरा, मदार आदि का भोग लगाये। मंदिर परिसर में शिव भक्तों का आने का सिलसिला सुबह भोर करीब चार बजे से शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि जो भी भक्त सच्चे मन से मंदिर परिसर में मत्था टेक कर भगवान शिव से जो भी मांगते हैं उनकी वह मन्नत अवश्य पूरा हो जाता है। जिसको लेकर हम सभी यहां पर दर्शन के लिए पहुंचे है। वही मंदिर और पुलिस प्रसाशन द्वारा श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो उसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक इंतजाम किया गया है।

पुलिस का प्रत्येक गतिविधियों पर था नजर:
शिवदर्शन व जलाभिषेक करने के लिए महिला व पुरुष श्रद्धालुओं को दो पंक्ति बनाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर तीसरी आंख सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा भी लगाया गया जो कंट्रोल रूम भी बनाया गया। इसके साथ पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर महिला और पुरुष के पुलिस जवानों की हर एक गतिविधियो पर पैनी नजर रही वही शिव भक्तों के सभी फोर व्हीलर और टू व्हीलर वाहनों को मंदिर से एक किलोमीटर पहले रोकने के लिए लमुहा पुलिस पिकेट के समीप बैरिकेडिंग भी किया गया।

मेले में खतरे की आशंका के बीच चल रहा बड़ा झूला:
ईटहिया मेले के मनोरंजन क्षेत्र में काफी ऊंचे-ऊंचे झूले और मौत का कुआं, ब्रेक डांस देखे जा रहे हैं। जिनमें बैठ कर झूलने का मजा हर कोई लेना चाहता है। लेकिन मालिक द्वारा ज्यादा पैसे कमाने के लालच में सुरक्षा और सेफ्टी को दरकिनार करके लोगों को उस पर बैठाया जा रहा है। उक्त बड़ा झूला में पुराने जंग लगे लोहे का प्रयोग किया गया है। ऐसे में ओवरलोडिंग के साथ झूला चलता रहा तो कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार भी नही किया जा सकता है। हालांकि कोतवाली पुलिस व मेला प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान देना उचित नही समझा जा रहा है या फिर अनदेखा किया जा रहा है। ऐसे में सुरक्षा दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जांच का विषय हो गया है।

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