कुंडा तहसील में मंडलायुक्त का औचक निरीक्षण, 11 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
लेखपालों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी, एसोसिएशन के महामंत्री व मंत्री के निलंबन के निर्देश

जन एक्सप्रेस/कुण्डा प्रतापगढ़ :- संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने शनिवार को अपर आयुक्त त्रिभुवन एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ कुंडा तहसील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील में पहुंचे फरियादियों से उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान प्रकरणों के निस्तारण के लिए लेखपालों की अनुपस्थिति सामने आने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच हाल में हुए विवाद के कारण लेखपाल सुनवाई कक्ष में नहीं जा रहे हैं। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फरियादियों को अपने मामलों के निस्तारण के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेखपालों की अनुपस्थिति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने उपजिलाधिकारी कुंडा को लेखपाल एसोसिएशन के महामंत्री एवं मंत्री के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में अनुपस्थित मिले 11 विभागीय अधिकारियों का मंडलायुक्त ने वेतन रोकने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है जिसमें विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर फरियादियों की समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण किया जाना चाहिए। मंडलायुक्त ने जुलाई और अगस्त माह में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवसों के निस्तारण रजिस्टरों का निरीक्षण किया। रजिस्टरों में शिकायतों के निस्तारण संबंधी आख्या में अनियमितता, अपूर्णता और अविश्वसनीयता सामने आई। कई मामलों में मौके पर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किए बिना ही आख्या अंकित किए जाने की स्थिति प्रथम दृष्टया पाई गई। पंजीकरण रसीदों में भी खामियां मिलीं तथा अलग-अलग प्रकरणों में एक ही क्रमांक की रसीद अंकित मिली।।
संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने पर संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित माल बाबू के विरुद्ध एडवर्स एंट्री एवं विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी रजिस्टरों को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा। इसके बाद धारा 33 एवं 34 के अंतर्गत लंबित राजस्व वादों की समीक्षा की गई। धारा 34 के 90 दिवस से अधिक पुराने एक हजार से ज्यादा वाद लंबित पाए गए। इस संबंध में तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और तीनों नायब तहसीलदार संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। मंडलायुक्त ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक एवं तीनों नायब तहसीलदारों का लंबित वादों की पेंडेंसी शून्य होने तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी कुंडा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि तहसील दिवस से संबंधित सभी रजिस्टर तत्काल दुरुस्त कराए जाएं और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिलेखों के रख-रखाव, अधिकारियों की उपस्थिति और राजस्व वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।






