बांधो से छोड़ा गया 1.74 लाख क्यूसेक पानी,गंगा नदी खतरे के निशान से 68 सेमी नीचे

रिपोर्ट-बी जी मिश्र
जन एक्सप्रेस/हरदोई: मंगलवार की सुबह हरिद्वार से गंगा नदी में 95,885 क्यूसेक तथा नरौरा से गंगा नदी में 77,819 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की खबर है।दोनो बांधो से गंगा नदी में कुल 1.74 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।जबकि नानकसागर डैम, उत्तराखंड से गर्रा नदी में 4,088 क्यूसेक तथा ड्यूनी डैम, पीलीभीत से गर्रा नदी में 7,821 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।इसके साथ ही हरदोई में 81.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी है।
जानकारी के अनुसार गंगा नदी के राजघाट, हरदोई में जलस्तर 125.130 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 125.810 मीटर है। इस तरह राजघाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.680 मीटर (68 सेंटीमीटर) नीचे बना हुआ है।
रामगंगा नदी के हुल्लापुर, शाहजहांपुर में 136.050 मीटर दर्ज किया गया।
गर्रा नदी सांडी में केंद्रीय जल आयोग साइट (CWC Site) पर 128.280 जलस्तर मीटर दर्ज किया गया।जबकि यहां 129.150 मीटर पर चेतावनी बिंदु व 129.650 पर खतरे का निशान है।
फिलहाल राजघाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, हालांकि विभिन्न नदियों के जलस्तर, बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
सवायजपुर एसडीएम शिवानी सिंह का बयान
“सवायजपुर तहसील क्षेत्र में नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है, फिर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ प्रभावित गांवों में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरतमंद परिवारों तक राहत एवं सहायता पहुंचाने के साथ ही राजस्व टीमों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण किसी भी समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।”

हरपालपुर सीओ प्रवीण कुमार यादव का बयान
“बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आवागमन वाले मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर घटने के बावजूद जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, पुलिस बल पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर तैनात रहेगा।”
