कटियारी की नदियां उफनाईं, गांवों से स्कूलों तक घुसा बाढ़ का पानी

रिपोर्ट-बी जी मिश्र
जन एक्सप्रेस/हरदोई :- पहाड़ों पर हो रही बारिश और बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते सवायजपुर तहसील के कटियारी क्षेत्र में गंगा, रामगंगा और गंभीरी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के उफान से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। कई गांवों में पानी घुसने के साथ ही सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं बाढ़ का पानी अब परिषदीय विद्यालयों तक पहुंच गया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।अरवल थाना क्षेत्र में रामगंगा और गंभीरी नदियों में आए उफान के बाद दोनों नदियों का पानी एक-दूसरे में मिल गया है। इसके चलते चौंसार-श्रीमऊ मार्ग पर श्रीमऊ से कन्नौज जाने वाले मुख्य मार्ग पर जिगनी, देवकली, बरगदापुरवा और श्रीमऊ समेत चार स्थानों पर करीब एक से दो फीट पानी बह रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे में इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित होने की आशंका है।
भदार में चार से पांच फीट पानी, वाहनों का आवागमन बंद
वहीं सांडी-श्रीमऊ मार्ग पर भदार गांव के पास सड़क पर करीब चार से पांच फीट पानी बह रहा है। पानी की गहराई और तेज बहाव को देखते हुए इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे आसपास के गांवों के लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने और जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने की समस्या खड़ी हो गई है।
दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
गंगा, रामगंगा और गंभीरी नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कटियारी क्षेत्र के सुलखामऊ, जीवनपुरवा, निकामदपुरवा, जसापुरवा, मुर्वा, शहाबुद्दीनपुर, ढकपुरा, बारामऊ, अदनिया, अरवल, बेहटा, मुड़िया, नाऊपुरवा, बरगदापुरवा, गंगानगर, छंगापुरवा, तिवारीपुरवा, चंद्रमपुर, गुलाबपुरवा, पतारपुरवा, अलीशेरपुरवा और करनपुर समेत कई गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं।बाढ़ के पानी से खेतों में खड़ी फसलें डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पानी लंबे समय तक भरा रहने पर फसलों को नुकसान होने की आशंका है। वहीं गांवों में आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों को खाद्य सामग्री, दूध, दवा और अन्य जरूरी सामान जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए चारे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।
विद्यालयों में भरा पानी, बच्चों की सुरक्षा चिंता
बाढ़ का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। प्राथमिक विद्यालय बरगदापुरवा, संविलियन विद्यालय अरवल, प्राथमिक विद्यालय ढकपुरा, प्राथमिक विद्यालय गढ़िया और प्राथमिक विद्यालय बारामऊ में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। विद्यालय परिसर में पानी भरने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो आसपास के अन्य विद्यालय भी प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन की बढ़ी जिम्मेदारी
बढ़ते जलस्तर और गांवों में पहुंच रहे बाढ़ के पानी को देखते हुए प्रशासन के सामने प्रभावित ग्रामीणों तक समय से राहत पहुंचाने, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने तथा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों की संख्या बढ़ाने, जलभराव वाले मार्गों पर निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।






