
जन एक्सप्रेस /रुद्रप्रयाग :- जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में ट्राउट मत्स्य पालन किसानों के लिए स्वरोजगार और आय का बेहतर जरिया बनता जा रहा है। गैड़-बस्टी गांव निवासी वीरपाल सिंह राणा ने ट्राउट पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाकर ग्रामीणों के सामने सफलता की मिसाल पेश की है।वीरपाल सिंह राणा ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने करीब 14 से 15 क्विंटल ट्राउट मछली का उत्पादन किया। तैयार मछली की बिक्री एसएसबी श्रीनगर, आईटीबीपी सहित आसपास के नगरों में की गई, जिससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि ट्राउट पालन से न केवल उन्हें स्वरोजगार मिला है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग की ओर से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया। इससे उन्हें ट्राउट पालन की वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिली। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर वह अपने मत्स्य पालन व्यवसाय को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।
वीरपाल सिंह राणा की सफलता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है। इससे ग्रामीण आर्थिकी को मजबूती मिलने के साथ अन्य किसानों को भी ट्राउट पालन अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।






