मध्यप्रदेश

धर्मांतरण विरोधी कानून वापस लेने पर नरोत्तम मिश्रा ने कसा तंज

भोपाल । कांग्रेस सरकार द्वारा धर्मांतरण विरोधी कानून वापस लेने पर राजनीति गरमा गई है। मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर तंज कसते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्हाेंने कहा है कि कांग्रेस का हाथ जिहादियों के साथ है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कर्नाटक सरकार के फैसले को देखते हुए मध्य प्रदेश में आने वाले समय में अपना फैसला लें कि वह किसके साथ जाएंगे?

गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कि कर्नाटक सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून को वापस ले लिया है। यह फैसला लव जिहाद को बढ़ावा देगा। इसके अलावा इस फैसले ने कांग्रेस की मानसिकता को भी स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का हिडन एजेंडा है जिसे सभी लोग समझ रहे हैं। वे तुष्टिकरण की राजनीति दोबारा शुरू करना चाहते हैं जिसके लिए उन्होंने अपने कदम भी बढ़ा दिये हैं।

गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कहती कुछ और है और दिखावा किसी और बात का करती है, जबकि फैसले अलग ही लिए जाते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक से ही आते हैं। अब वहां धर्मांतरण वाला कानून वापस ले लिया गया है। आप कांग्रेस का हिडन एजेंडा समझिए, खड़गे जी तो कुछ बोले नहीं। वे कुछ बोलने की स्थिति में भी नहीं होंगे। लेकिन प्रियंका और राहुल से सवाल है कि प्रियंका कहती थी लड़की हूं लड सकती हूं, यह कानून तो लडकियों की सुरक्षा के लिए ही था। क्या ऐसे कानून को रद्द करना जिहादियों को संरक्षण देने के समान नही है

डॉण् नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि एक बात तो स्पष्ट हो गई कि कांग्रेस का हाथ जिहादियों के साथ है। उन्होंने मध्य प्रदेश की जनता से अपील करते हुए यह भी कहा है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश की जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। गृहमंत्री ने अभी कहा कि कर्नाटक सरकार ने डॉण् हेडगेवार का पाठ भी पाठ्य पुस्तक से हटा दिया है।

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा कर्मचारियों को लेकर दिए गए बयान पर गृहमंत्री डॉण् मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारियों के प्रति कमलनाथ जी का अपमानजनक बयान उनकी हार की हताशा को दिखाता है। ऐसा पहली बार नहीं कह रहे हैं। अधिकारी – कर्मचारियों के साथ वह गुलामों जैसा व्यवहार करना चाहते हैं। अधिकारी – कर्मचारी सब पढ़े लिखे होते हैं और कमलनाथ जी आप के समय में जब दिग्विजय सिंह सीएम थे तब उन्होंने भी कहा था कि हमें इनके वोट नहीं चाहिए। कभी आप कहते हो कि 15 महीने बाद हिसाब लूंगा, कभी कहते हो भाजपा के लिए काम करने वालों की मैं सूची बना रहा हूं। कभी कहते हो अफसरों पर चर्बी चढ़ गई है यह निंदनीय कृत्य है। आप चिंता मत करिए इनकी धमकी में कोई डरने वाला नहीं है।

इसके अलावा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के हाल ही में हुए 66 सीटों पर दौरों के बाद सौंपी गई रिपोर्ट पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह जी खुद ही स्वीकार कर चुके हैं कि वे जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस चुनाव हार जाती है।

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