
चंद्रप्रकाश बहुगुणा
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: पूज्य गुरुदेव पं. राम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी के अवसर पर रविवार को नई दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित युवा चेतना केंद्र में अखंड गायत्री साधना का आयोजन किया गया। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के मार्गदर्शन में आयोजित इस साधना में यूपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सौ से अधिक युवा साधक शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान युवा चेतना केंद्र का वातावरण गायत्री मंत्र की अखंड गूंज से साधनामय रहा। सामूहिक अखंड गायत्री महामंत्र साधना का क्रम सूर्योदय से सूर्यास्त तक चला। साधना में शामिल युवाओं ने मां गायत्री से सद्बुद्धि, संयम, सकारात्मक चिंतन और सेवा भावना की कामना की।
युवाओं ने मंत्र जप के साथ अपने दैनिक जीवन में साधना और स्वाध्याय को स्थान देने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका निभाने की भावना भी व्यक्त की। आयोजन में युवाओं को आत्मअनुशासन और श्रेष्ठ विचारों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के तप, त्याग, साधना और सेवा-समर्पण का स्मरण किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि माता भगवती देवी शर्मा ने पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के साथ युग निर्माण और विचार क्रांति के अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके जीवन को नारी जागरण, संस्कार निर्माण और लोकसेवा के क्षेत्र में प्रेरणादायी बताया गया।
कार्यक्रम के संचालन के लिए शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने युवाओं से गुरुदेव और माताजी के विचारों को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने नियमित साधना, स्वाध्याय और रचनात्मक सेवा गतिविधियों से जुड़ने के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
सामूहिक जप के दौरान युवाओं ने श्रेष्ठ विचारों को जीवन में अपनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया। जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह अखंड गायत्री साधना युवाओं के बीच आत्मपरिष्कार, अनुशासन और सेवा भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक आध्यात्मिक आयोजन के रूप में सामने आया।