उत्तराखंडहरिद्वार

गर्भ ही पहली पाठशाला, मां है जेनेटिक इंजीनियर: मुरादाबाद में गायत्री परिवार ने कराया पुंसवन संस्कार

चंद्रप्रकाश बहुगुणा

जन एक्सप्रेस /  हरिद्वार: अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में मुरादाबाद में पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया। संजय प्रकाश पाल और उनकी पत्नी सुजाता पाल का पुंसवन संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन काशीपुर के कात्यायनि महिला मंडल की ब्रह्मवादिनी बहनों ने किया। संस्कार के बाद दंपति पर पुष्प वर्षा कर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।

कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार और गर्भ विज्ञान के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि गर्भावस्था का समय शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान माता के विचार, आहार, व्यवहार तथा आसपास का वातावरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी क्रम में कार्यक्रम में यह विचार रखा गया कि मां को बच्चे की ‘जेनेटिक इंजीनियर’ की तरह देखा जा सकता है, जो गर्भावस्था के दौरान सकारात्मक संस्कारों और अच्छे वातावरण के माध्यम से बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण में भूमिका निभाती है।

गायत्री परिवार से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं को सकारात्मक चिंतन, संतुलित आहार, स्वाध्याय और सत्संग से जुड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कहा गया कि गर्भ से ही संस्कार निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की अवधारणा को परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने से जोड़ा जाता है।

इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखित साहित्य दंपति को भेंट किया गया। उन्हें नियमित स्वाध्याय के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही प्रज्ञा अभियान पत्रिका का वितरण भी किया गया। आयोजन में गायत्री परिवार के विचारों और साहित्य के माध्यम से परिवार निर्माण तथा संस्कारों से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” और “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” जैसे संदेश भी दिए गए। आयोजकों ने कहा कि बेहतर समाज निर्माण की शुरुआत व्यक्ति और परिवार से होती है तथा इसी विचार के साथ गर्भ से ही संस्कार निर्माण की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है।

गायत्री परिवार के अनुसार पुंसवन संस्कार का उद्देश्य परिवार में सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और जिम्मेदार जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस संदेश को अपनाने और परिवार में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button