Politicsउत्तर प्रदेशपीलीभीत

सपा कार्यालय पर चला बुलडोज़र, नेता धरने पर, पुलिस ने लिया हिरासत में

ईओ आवास से हटाया कब्जा, जलकल भवन भी खाली कराया, शहर की सियासत गरमाई

जन एक्सप्रेस/पीलीभीत : नगर पालिका ने बुधवार सुबह तड़के एक बड़ी और बहुचर्चित कार्रवाई करते हुए नकटादाना चौराहा स्थित अधिशासी अधिकारी (ईओ) आवास पर वर्षों से चल रहे समाजवादी पार्टी कार्यालय को बलपूर्वक खाली करा दिया। इस कार्रवाई से नगर की राजनीति में हलचल मच गई है। सपा नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज़ को दबाने की साजिश बताया है, जबकि प्रशासन ने इसे पूरी तरह वैधानिक बताया है।

सुबह करीब 7 बजे, नगर पालिका की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और सपा कार्यालय पर लगे नाम-पट्ट, झंडे व प्रतीक चिन्ह को हटाने का कार्य शुरू कर दिया। कुछ ही समय में दीवारों की रंगाई-पुताई कर दी गई और स्थान पर “ईओ आवास” का बोर्ड लगा दिया गया। जब तक समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी मौके पर पहुँचते, तब तक कार्यालय की हर पहचान मिटा दी गई थी।

धरने पर बैठे सपा नेता, पुलिस ने किया बल प्रयोग, भेजा पुलिस लाइन
कार्रवाई की भनक लगते ही सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुँच गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। सभी नेता धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए सड़क जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान सपा नेताओं की सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी से तीखी बहस भी हुई, जिसकी चर्चा अब पूरे शहर में हो रही है।

पहले ही दी गई थी नोटिस, फिर भी उठाया गया कड़ा कदम
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार ने एक दिन पहले ही ईओ आवास पर नोटिस चस्पा किया था, जिसमें इसे पालिका की संपत्ति बताते हुए तत्काल खाली करने को कहा गया था। समाजवादी पार्टी की ओर से इस नोटिस का लिखित जवाब भी भेजा गया था, लेकिन प्रशासन ने किसी प्रकार की देरी न करते हुए अगली सुबह ही कार्यवाही कर दी।

कार्रवाई के वक्त भवन पर ताला लगा हुआ था, जिसे पालिका कर्मचारियों ने खुलवाया और बाहर से सपा से जुड़े सभी चिन्ह हटाने के साथ ही तत्काल रंगाई-पुताई कर दी। अंदर रखा पार्टी का सामान अभी भी भवन में ही मौजूद है, जिसे हटाने के लिए अलग से नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।

जलकल प्रभारी के कब्जे से भी भवन मुक्त
ईओ आवास से सटे एक अन्य भवन पर भी नगर पालिका ने कार्यवाही की। यह भवन जलकल प्रभारी तारिक हसन खां के कब्जे में था, जिसे प्रशासन ने अवैध कब्जा मानते हुए जब्त कर लिया। हालांकि जलकल प्रभारी का कहना है कि उन्होंने यह भवन पहले ही सरेंडर कर दिया था और उन्हें इस कार्यवाही की कोई सूचना नहीं दी गई।

सियासी पारा चढ़ा, सपा बोली – लोकतंत्र की हत्या
कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तानाशाही और लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश है। जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ने कहा, “यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष का परिणाम है। विपक्ष की आवाज को इस तरह दबाया नहीं जा सकता।”

वहीं प्रशासन ने साफ किया कि यह संपत्ति नगर पालिका की है और अनाधिकृत कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button