पुरोला में भोजन माताओं का प्रदर्शन, मानदेय बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

जन एक्सप्रेस/पुरोला: पुरोला और मोरी क्षेत्र की भोजन माता संगठन से जुड़ी महिलाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी पुरोला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। भोजन माताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
भोजन माता संगठन के बैनर तले बुधवार को पुरोला तहसील परिसर में बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं। इस दौरान संगठन विस्तार को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुरोला, मोरी और नौगांव विकासखंड की भोजन माताओं ने भाग लिया।
बैठक के बाद भोजन माताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से भोजन माताएं विद्यालयों में कार्य कर रही हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें केवल 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिल रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम है।
भोजन माताओं का कहना था कि सरकारें लगातार आश्वासन देती रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इतने कम मानदेय में बच्चों की शिक्षा और परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
ज्ञापन में भोजन माताओं ने मासिक मानदेय 15 हजार रुपये करने, सेवानिवृत्ति के बाद आजीविका चलाने के लिए पारितोषिक देने, विद्यालय बंद होने की स्थिति में अन्य विद्यालयों में समायोजन करने तथा उन्हें राजकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की।
भोजन माताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान रजनी रावत, बामदेवी, नीलम, कुलवंती, दर्शनी देवी, रामप्यारी, कृष्णा, सुचिता देवी, अंबाला, शांति देवी, उर्मिला, मोहनी देवी, रीता देवी और सुनीता सहित कई भोजन माताएं मौजूद रहीं।






