यूपी में पंचायत सहायकों और सफाईकर्मियों की आधार आधारित हाजिरी अनिवार्य
गांवों में लगेंगी चौपालें, योजनाओं की जानकारी होगी साझा; मंत्री ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा तंज

जन एक्सप्रेस लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों की व्यवस्थाओं को पारदर्शी और सक्रिय बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने घोषणा की है कि अब पंचायत सहायकों और सफाईकर्मियों की हाजिरी आधार आधारित होगी। इसके साथ ही, ग्रामीण जनता को योजनाओं की जानकारी देने के लिए गांव-गांव में चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
शनिवार को पंचायतीराज निदेशालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री राजभर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “आधार आधारित उपस्थिति से फर्जी हाजिरी और अनुपस्थित कर्मियों की समस्या खत्म हो जाएगी।”
57 हजार पंचायत सहायक, एक लाख से अधिक सफाईकर्मी होंगे सिस्टम से जुड़े
राजभर ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में एक लाख से अधिक ग्रामीण सफाईकर्मी और 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक कार्यरत हैं। इनकी हाजिरी अब डिजिटल मोड में होगी। पंचायत भवनों में ताले लगने की शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि गांवों में स्वच्छ भारत मिशन, अंत्येष्टि स्थल, पंचायत उत्सव भवन और अन्य योजनाओं की जानकारी देने के लिए चौपालों का आयोजन किया जाएगा, ताकि आमजन जागरूक हो सके।
राजभर का अखिलेश यादव पर हमला: ‘नकली पीडीए की राजनीति कर रहे हैं’
बैठक में मंत्री ओपी राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब इटावा में कथावाचक यादव निकले, तो अखिलेश ने खूब राजनीतिक रोटियां सेंकीं, लेकिन आज़मगढ़ में पीडीए भवन की पूजा ब्राह्मणों से करवाई।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर अखिलेश सच में मुसलमान हितैषी हैं तो 2027 में मुसलमान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करें।” राजभर ने दावा किया कि असली पीडीए अब एनडीए के साथ है।
“आशीष पटेल नाराज़ होते तो मंत्री क्यों रहते?”
अपना दल (एस) नेता आशीष पटेल की भाजपा से नाराज़गी पर पूछे गए सवाल पर राजभर ने साफ कहा, “वह मंत्री हैं, नाराज़ होते तो पद छोड़ देते। नाराज़गी की बातें निराधार हैं।”






