सुनियोजित साजिश से मौत की झूठी कहानी, इंश्योरेंस क्लेम के लिए युवक ने की निर्दोष की हत्या!
चित्रकूट पुलिस की सूझबूझ से हुआ चौंकाने वाला खुलासा, फरार दंपती गिरफ्तार

जन एक्सप्रेस चित्रकूट (हेमनारायण हेमू):राजापुर थाना क्षेत्र में सिकरी अमान गांव के पास 30 जून को एक जली हुई अल्टो कार में मिले अज्ञात शव की सनसनीखेज वारदात का चित्रकूट पुलिस ने सफल अनावरण कर लिया है। यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि करोड़ों के इंश्योरेंस के लिए की गई एक क्रूर हत्या की साजिश थी। मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है जो मृत व्यक्ति की जगह खुद को मृत दिखाकर इंश्योरेंस क्लेम लेना चाहते थे।
मामला ऐसा जो क्राइम थ्रिलर को भी पीछे छोड़ दे
30 जून की सुबह सिकरी अमान गांव के पास एक जलती हुई अल्टो K10 कार (MP 19 CB 3053) की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन अंदर एक अज्ञात शव पूरी तरह से जल चुका था। मृतक की पहचान नहीं हो सकी। 2 जुलाई को गिरजा शरण सिंह नामक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उक्त कार उसके दामाद सुनील सिंह चलाते थे और वे लापता हैं।सुनील की पत्नी हेमा ने दावा किया कि शव उनके पति का हो सकता है क्योंकि सुनील 29 जून की रात से गायब हैं और उसी रात से उनका फोन भी स्विच ऑफ है। मामला गंभीर होता देख पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस टीम और राजापुर पुलिस सक्रिय हो गई।
झूठी मौत, असली हत्या – पर्दाफाश ने हिला दी सच्चाई
जांच में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कथित मृतक सुनील सिंह ज़िंदा है और चोरी-छिपे आनंदपुर रगौली गांव में देखा गया है। 7 जुलाई को रात 11:40 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंका देने वाला था। सुनील सिंह ने कबूल किया कि उसने 2 करोड़ के इंश्योरेंस क्लेम के लिए एक गरीब, बेसहारा युवक विनय चौहान की हत्या कर दी। उसने बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा था और यूट्यूब पर अपराध से जुड़े वीडियो देखकर उसे यह खतरनाक योजना सूझी। उसने शराब के ठेके पर विनय से दोस्ती की, उसे विश्वास में लेकर पहले घर लाया और फिर 29 जून की रात उसे शराब पिलाकर सुनसान इलाके में कार में जलाकर मार डाला। सुनील की पत्नी हेमा भी इस योजना में पूरी तरह से शामिल थी। उसने झूठा दावा किया कि कार में मरा हुआ व्यक्ति उसका पति है, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
मासूम विनय बना साजिश का शिकार
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि मृतक विनय चौहान, रीवा का निवासी था जो 29 जून से गायब था। उसके भाई ने भी गुमशुदगी की जानकारी दी थी। विनय को जान-बूझकर चुना गया क्योंकि उसका कोई परिजन पास नहीं रहता था और सुनील से उसकी कद-काठी मिलती थी।
अभियुक्त दंपती गिरफ्तार, पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम
इस नृशंस हत्या के आरोप में पुलिस ने सुनील सिंह और उसकी पत्नी हेमा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर हत्या, साक्ष्य मिटाने, धोखाधड़ी और साजिश रचने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले का सफल अनावरण करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है।






