काशी विवाद पर भड़कीं सुमित्रा महाजन, अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
मंदिरों पर मशीनें चढ़ाना लापरवाही नहीं, अपराध है

जन एक्सप्रेस/ वाराणसी/ लखनऊ:वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर जेसीबी मशीन से प्राचीन मंदिरों और पौराणिक धरोहरों को ढहाए जाने की तस्वीरों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। खासतौर पर मालवा क्षेत्र से लेकर काशी तक इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। इस मामले पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।सुमित्रा महाजन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “विकास के नाम पर ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की बलि किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। मंदिरों पर मशीनें चढ़ाना सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है।”उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर स्थित महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और उससे जुड़े प्राचीन मंदिरों को नुकसान पहुंचाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। महाजन ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने काशी सहित देशभर के कई तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार कराया था और आज उन्हीं की स्मृतियों को मिटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने मांग की कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में किसी भी धार्मिक या ऐतिहासिक स्थल पर इस तरह की कार्रवाई न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाएं।इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं आमजन और धार्मिक संगठनों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मामला अब सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।






