मड़ियाहूं तहसील का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, निरस्त वरासत प्रकरणों की दोबारा समीक्षा के निर्देश

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चन्द्र ने तहसील मड़ियाहूं तहसील का औचक निरीक्षण कर राजस्व कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड रूम, उपजिलाधिकारी न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय, रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष और कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया।
अभिलेखों की जांच और कार्यप्रणाली की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
निरस्त वरासत प्रकरणों पर सख्त निर्देश
समीक्षा में पाया गया कि निर्विवाद वरासत से जुड़े कुछ मामलों को मामूली त्रुटियों के कारण निरस्त कर दिया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि:
आवेदन निरस्त करने से पहले पूर्ण परीक्षण किया जाए
राजस्व परिषद के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य हो
पात्र आवेदकों को किसी भी स्थिति में वंचित न किया जाए
दोबारा जांच कर त्वरित निस्तारण के आदेश
डीएम ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को निर्देशित किया कि सभी निरस्त मामलों की सूची तैयार कर पुनः परीक्षण किया जाए और उनका त्वरित व न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
ई-परवाना और अन्य व्यवस्थाओं की सराहना
निरीक्षण के दौरान तहसील में लागू ऑनलाइन ई-परवाना और अमलदरामद जैसी व्यवस्थाओं की सराहना की गई। डीएम ने कहा कि:
“राजस्व न्यायालयों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
अधिकारी रहे उपस्थित
इस मौके पर उपजिलाधिकारी नवीन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






