जौनपुर ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’: 179 शिकायतें, 28 का मौके पर निस्तारण, डीएम का सख्त संदेश

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जिले की केराकत तहसील में सोमवार को आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ में प्रशासनिक सक्रियता और जनसुनवाई का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने की, जबकि पुलिस विभाग की ओर से कुंवर अनुपम सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, अतिक्रमण और राजस्व से जुड़े सामने आए। ग्राम नरहन निवासी संतश्री रामजनम नागर ने रामजानकी मंदिर एवं आश्रम निर्माण में बाधा उत्पन्न किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार और सीओ चकबंदी को मौके पर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
इसी तरह मुरलीपुर गांव के अश्वनी उपाध्याय ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने को कहा। टुसौरी गांव के जितेंद्र सिंह ने सरकारी चकरोड और नवीन परती भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। इस पर राजस्व विभाग की टीम को पैमाइश कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
समाधान दिवस में सामाजिक योजनाओं से जुड़े मामले भी सामने आए। सुरतपुर निवासी पूजा ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शामिल किए जाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को पात्रता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण बिना स्थलीय निरीक्षण और शिकायतकर्ता से सीधे संवाद किए नहीं किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से आबादी और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कुल 179 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर शैलेन्द्र कुमार, डॉ. गोरखनाथ पटेल सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही जिले की अन्य तहसीलों में भी ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ आयोजित कर आम जनता की समस्याएं सुनी गईं।
जौनपुर प्रशासन की यह पहल जनसुनवाई और पारदर्शी शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल लोगों को त्वरित न्याय मिल रहा है, बल्कि प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है।






