जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार व आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश

जन एक्सप्रेस।महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा आमजन को समयबद्ध एवं प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) की स्क्रीनिंग, उपचार एवं फॉलोअप कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी ब्लॉकों में विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, ताकि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ समय से मिल सके। आयुष्मान भारत की जिला समन्वयक ने बताया कि विगत माह 4359 गोल्डन कार्ड बनाए गए, जबकि जनपद में अब तक 8 लाख 55 हजार 742 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं।
उन्होंने 70 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नागरिकों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। बताया गया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन या सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।बैठक में जिलाधिकारी ने चाइल्ड डेथ की नियमित रिपोर्टिंग एवं समीक्षा पर विशेष बल देते हुए प्रत्येक मामले का गंभीरता से विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने संस्थागत प्रसव तथा लाभार्थियों के भुगतान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही गर्भवती महिलाओं का समय से पंजीकरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित अपडेट करने पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय से उपस्थिति, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा उपकरणों की क्रियाशीलता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करें तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने एसएनसीयू निचलौल के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि कम वजन एवं गंभीर नवजात शिशुओं के उपचार हेतु अधिक से अधिक लोगों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाई जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






