
जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में कीवी मिशन किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहा है। इस योजना के माध्यम से खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस योजना का लाभ केवल बड़े किसानों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक और पात्र किसानों को प्राथमिकता दी जाए।
सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कीवी मिशन को सफल बनाने के लिए लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे किसानों को योजना से जोड़ा जाए जो वास्तव में खेती करने के इच्छुक हों और मेहनत के लिए तैयार हों।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कीवी को एक उच्च मूल्य वाली नकदी फसल बताते हुए कहा कि जिले में इसके उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। कीवी की बाजार में अच्छी मांग और ऊंचे दाम मिलने के कारण यह किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि इस फसल को वैज्ञानिक तरीके से उगाया जाए तो यह किसानों की आय में बड़ा इजाफा कर सकती है।
बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का दायरा व्यापक किया जाए। उन्होंने कहा कि बड़े किसानों के साथ-साथ छोटे और सीमांत किसानों को भी अनिवार्य रूप से कीवी मिशन से जोड़ा जाए। इससे न केवल गांवों में आर्थिक असमानता कम होगी, बल्कि कमजोर वर्ग के किसानों को भी सशक्त बनाया जा सकेगा।
प्रशासन और किसानों के बीच बेहतर समन्वय को इस योजना की सफलता की कुंजी बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उद्यान विभाग किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। इसमें उन्नत किस्म के पौधे, आधुनिक तकनीकी जानकारी और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। वहीं किसानों से अपेक्षा की गई है कि वे पूरी लगन और मेहनत के साथ इस खेती को अपनाएं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि सभी स्तरों पर समन्वय के साथ कार्य किया जाए, तो उत्तरकाशी जिले को कीवी उत्पादन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल स्थानीय किसानों को लाभ होगा, बल्कि जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। इनमें सीएचओ डॉ. रजनीश सिंह, सीएओ एसएस वर्मा, नाबार्ड के महाप्रबंधक पारीक, उद्योग महाप्रबंधक शैली डबराल, सचेंद्र परमार और कुशलानंद बहुगुणा सहित समिति के अन्य सदस्य शामिल थे।
कीवी मिशन के माध्यम से उत्तरकाशी के किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। यदि योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से किया गया, तो यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।






