
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद उत्तरकाशी के डुंडा विकासखंड अंतर्गत धौंतरी उप तहसील के ग्राम दिखोली (गाजणा पट्टी) में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत शिक्षक, हिंदी साहित्यकार एवं गायत्री परिवार से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मुरली मनोहर भट्ट ने ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं और बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण किया।
‘एक वृक्ष धरती मां के नाम‘ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया गया। डॉ. भट्ट ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन और पृथ्वी के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।
उन्होंने बताया कि 5 जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था। तब से यह दिवस समुद्री प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, बढ़ती जनसंख्या, सतत विकास और वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का वैश्विक मंच बन चुका है। वर्तमान में विश्व पर्यावरण दिवस में 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है और यह अभियान दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है।
डॉ. मुरली मनोहर भट्ट ने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे वेद, उपनिषद और पुराण प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हैं। उन्होंने मत्स्य पुराण का प्रसिद्ध श्लोक उद्धृत करते हुए वृक्षों के महत्व को समझाया—
“दश कूप समा वापी, दशवापी समो ह्रदः।
दशह्रद समः पुत्रो, दशपुत्र समो द्रुमः॥”
उन्होंने कहा कि इस श्लोक के अनुसार दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब, दस तालाबों के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष माना गया है। इससे भारतीय संस्कृति में वृक्षों की महत्ता का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
इस अवसर पर उत्तरकाशी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भी गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया गया। वरिष्ठ परिजन चंद्र प्रकाश बहुगुणा, अजय प्रकाश बडोला, इंद्रभूषण नौटियाल, अतोल सिंह पंवार, कृष्णा कलूड़ा, अनन्या, अभिजीत, शिवसिंह, अक्षित और अन्निका पंवार सहित अनेक लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वहीं उत्तरकाशी स्थित कालेश्वर मंदिर परिसर में पुष्प पौधों का रोपण करने के साथ-साथ स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में ग्राम दिखोली के संजू, साक्षी, शेखर, मुरली, अनिल, गणेश, दिनेश, अंजलि सहित दर्जनों ग्रामीणों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।





