
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय (देसंविवि) एवं गायत्री तीर्थ शांतिकुंज का भ्रमण किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने अंगवस्त्र भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
भ्रमण के दौरान कौशल्या साय ने भारतीय ज्ञान परंपरा, मूल्यनिष्ठ शिक्षा, योग, संस्कृति और लोकमंगल को समर्पित विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित शिक्षा, शोध एवं संस्कार आधारित कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की और समाज के प्रति संस्थान के योगदान की सराहना की।
इसके बाद उन्होंने प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर देश, समाज और विश्व के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत संचालित हथकरघा एवं ग्रामोद्योग आधारित गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। साथ ही एशिया के एकमात्र बाल्टिक सेंटर, यज्ञोपैथी तथा विश्वविद्यालय एवं शांतिकुंज के विभिन्न सेवा एवं शोध प्रकल्पों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का एक सशक्त केंद्र है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल रोजगारपरक शिक्षा देना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संवेदनशील और राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित नागरिक तैयार करना है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए समाजोपयोगी शिक्षा एवं अनुसंधान को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
भ्रमण के दौरान कौशल्या साय के साथ उनके परिवारजन भी उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर, शांतिकुंज की व्यवस्थाओं, आध्यात्मिक वातावरण तथा सेवा-साधना की परंपरा की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया।






