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त्यूनी की इंसानियत ने जीता दिल, भाजपा मंडल अध्यक्ष ने भेजे ₹8,160, स्थानीय नेपाली समाज ने नकद ₹46,000

नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए पहाड़ से मदद का हाथनेपाल में आई भीषण बाढ़ की तबाही की खबरें जब त्यूनी तक पहुंचीं, तो यहां के लोगों ने सिर्फ संवेदना नहीं जताई, जेब भी खोल दी।

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :- नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए पहाड़ से मदद का हाथनेपाल में आई भीषण बाढ़ की तबाही की खबरें जब त्यूनी तक पहुंचीं, तो यहां के लोगों ने सिर्फ संवेदना नहीं जताई, जेब भी खोल दी। चकराता क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा ने नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष में बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹8,160 भेजकर राहत अभियान में हिस्सा लिया। साथ ही क्षेत्रवासियों से अपील की कि आपदा की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़े हों।
और भी बड़ी बात यह कि त्यूनी में बसे नेपाली समुदाय ने प्रधानमंत्री राहत कोष, नेपाल को ₹46,000 नकद भेज दिए। सीमा से सटे पहाड़ी कस्बे में रहने वाले लोग खुद दूर देश के दर्द को अपना दर्द मान बैठे।
नेपाल के रसुवा-नुवाकोट समेत कई जिलों में 26 अगस्त के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने घर, पुल, सड़कें और जलविद्युत परियोजनाएं निगल लीं। मौतों और लापता लोगों की संख्या हजारों में बताई जा रही है। त्यूनी जैसे छोटे से क्षेत्र से निकली यह रकम आंकड़ों में बड़ी नहीं लगती, लेकिन संदेश साफ है — पड़ोसी का दुख अपना दुख है।
नीरज शर्मा ने कहा कि नेपाल के बाढ़ प्रभावितों के साथ उनकी संवेदना है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की और क्षेत्र के लोगों से मदद का हाथ बढ़ाने की अपील दोहराई।
स्थानीय नेपाली समाज की ओर से भेजी गई राशि बताती है कि त्यूनी सिर्फ नक्शे पर सीमा के पास नहीं है, रिश्तों में भी जुड़ा हुआ है। जो लोग यहां रहते-काम करते हैं, उन्होंने अपने देश के पीड़ितों के लिए तुरंत नकद इकट्ठा कर भेज दिया।
शर्मा का संदेश साफ है, सरकारें बड़े पैकेज भेजती हैं, लेकिन गांव-कस्बे की छोटी-छोटी रकमें भी राहत शिविर तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करे। एक कप चाय छोड़कर बचाया गया पैसा भी किसी परिवार के लिए राशन बन सकता है।त्यूनी की इस पहल में राजनीति से ज्यादा इंसानियत दिखती है। भाजपा कार्यकर्ता हो या नेपाली मजदूर-व्यापारी — सबने एक स्वर में कहा: पड़ोसी मुल्क तबाह हो तो चुप नहीं बैठा जाता।
अगर आप भी मदद करना चाहते हैं तो नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष के आधिकारिक माध्यमों से योगदान कर सकते हैं। छोटी रकम भी उस परिवार तक पहुंचती है जिसका घर नदी में बह गया।

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