
जन एक्सप्रेस/रुड़की(उत्तराखण्ड) : बजरंग दल के जिला संयोजक जिवेन्द्र तोमर के साथ एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सोमवार को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सिविल लाइन कोतवाली, रुड़की का दरोगा “अशोक यादव” बताया। जिवेन्द्र तोमर का आरोप है कि कॉलर ने उन्हें गाली-गलौज की और गंभीर धमकियां दीं।
तोमर ने बताया कि कॉलर की भाषा अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक थी। कॉल के दौरान खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने बजरंग दल से जुड़े होने को लेकर भी टिप्पणी की और तोमर को डराने-धमकाने की कोशिश की। इस घटना से न केवल उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ठेस पहुंची है, बल्कि यह समाज में एक संगठन के कार्यकर्ता के प्रति कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिवेन्द्र तोमर ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस प्रशासन को सौंपी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर जांच शुरू कर दी है और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। मामले में असली कॉलर कौन था, और उसका उद्देश्य क्या था — यह अब पुलिस जांच का विषय है।






