कैंसर पीड़िता ने CM योगी से लगाई न्याय की गुहार, लेखपाल पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप

रिपोर्ट – आकाश मिश्र संवाददाता कौशांबी
जन एक्सप्रेस / कौशांबी: मंझनपुर थाना क्षेत्र के टेंवा गांव से एक महिला द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाने का मामला सामने आया है। कैंसर से जूझ रही सावित्री देवी ने क्षेत्रीय लेखपाल और उनके कुछ सहयोगियों पर घर में जबरन घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और धार्मिक अनुष्ठान में व्यवधान डालने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान घर में घुसने का आरोप
पीड़िता सावित्री देवी के मुताबिक, घटना के समय उनके घर में महामृत्युंजय यज्ञ का आयोजन चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान क्षेत्रीय लेखपाल बसंत लाल अपने सहयोगियों नंद किशोर, ओमप्रकाश और ओमदत्त के साथ उनके घर पहुंचे।
सावित्री देवी का आरोप है कि घर में प्रवेश करने के बाद उनके और परिवार के साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने पूजा स्थल में व्यवधान डाला, जिससे चल रहा धार्मिक अनुष्ठान प्रभावित हुआ।
पीड़िता के अनुसार, जब परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ भी हाथापाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी वृद्ध सास को भी धक्का दिया गया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं।

SC/ST एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने का लगाया आरोप
सावित्री देवी ने आरोप लगाया कि घटना का विरोध करने पर लेखपाल और उनके साथ मौजूद लोगों की ओर से परिवार को SC/ST Act के तहत मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
पीड़िता का दावा है कि बाद में उनके परिवार के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने मामले में प्रभाव के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले के तथ्यों का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।

कैंसर और आर्थिक परेशानी का भी किया जिक्र
पीड़िता ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी शिकायत रखते हुए बताया कि वह पहले से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। आर्थिक परेशानियों के बीच मुकदमे और कथित प्रशासनिक उत्पीड़न के कारण परिवार मानसिक तनाव में है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
निष्पक्ष जांच की उम्मीद
सावित्री देवी ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपना शिकायती पत्र सौंपा और मामले में न्याय की गुहार लगाई। अब पीड़िता और उसका परिवार प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई तथा जांच के परिणाम का इंतजार कर रहा है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने पर खबर को उसके अनुसार अपडेट किया जा सकता है।






