सरकार द्वारा बनाये गये किसान कानून की प्रतियों को किया आग के हवाले

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जन एक्सप्रेस संवाददाता
कानपुर नगर। रविवार को सोशलिस्ट पार्टी इंडिया और संयुक्त विपक्षी मोर्चा के नेताओं द्वारा कंपनी बाग चौराहा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा नवाबगंज में मैग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडे के नेतृत्व में पांडे सहित कई राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी में किसान विरोधी केंद्र सरकार द्वारा जो कानून बनाया गया है उसकी प्रतियां आग के हवाले की गई। भारत एक कृषि प्रधान व ग्रामीण संस्कृत का देश है जहां यह चिंता का विषय है कि आज देश के किसान देश की राजधानी दिल्ली में कृषि कानून से संबंधित तीन कानूनों की वापसी के लिए विरोध में बैठे हैं लेकिन केंद्र सरकार पूरा तंत्र गैर संवेदनशील होकर मेहनतकश किसानों नागरिक आकांक्षाओं के विरोध में खड़ा है इस शांतिपूर्ण आंदोलन में 50 अन्नदाता अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं।
मुख्य वक्ता संदीप पांडे ने कहा कि पूरे देश ने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने संसद से बिना बहस या मतदान के तीन कृषि संबंधित विधेयक पास करवाएं या अब मोदी सरकार संसद से निर्णय करवाने का एक तरीका बन गया है जिसमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ताक में रख दिया जाता है इन तथाकथित कर सुधार के नाम बड़े लुभावने लगते हैं। कृषि उपज व्यापार वाणिज्य अधिनियम 2020 संवर्धन व सुविधा किसान सशक्तिकरण व संरक्षण मूल्य आश्वासन का अनुबंध व कृषि सेवाएं अधिनियम 2020 किसान मूल्य आश्वासन का अनुबंध वह कैसी सेवाएं अधिनियम 2020 व आवश्यक वस्तु संशोधन 2020 जैसे कानून बनाकर किसानों को ठगने का काम किया जा रहा है।
सुरेश गुप्ता संयोजक संयुक्त मोर्चा ने कहा कि आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 अनाज दलहन तिलहन खाद्य तेल आलू प्याज जैसे उत्पादों को आवश्यक सूची से हटा दिया गया है दूसरे शब्दों में कहें कि कालाबाजारी को बढा़वा दिया गया है भ्रष्टाचार को वैधता प्रदान करने का मोदी सरकार का यह कोई पहला कारनामा नहीं है किसानों की एक लंबित मांग है किसान आयोग गठन की वह समय आ गया है कि सरकार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए ताकि किसान की अन्य समस्या के साथ उसकी लाभकारी मूल्य की मांग पर लागत से डेढ़ गुना से कम ना हो का समाधान हो सके।
कार्यक्रम संयोजक शंकर सिंह ,कृष्ण मुरारी यादव, महेश, रवि शुक्ला, विजय चावला, सर्वेश, डॉक्टर फारूकी, शिव शंकर सिंह, प्रताप सिंह कछवाहा सहित काफी लोग मौजूद थे।


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