
जन एक्सप्रेस /पुरोला :- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण में हो रही देरी को लेकर पुरोला में आंदोलनकारियों का आक्रोश सामने आया है। मंगलवार को राज्य आंदोलनकारी यमुना घाटी अध्यक्ष पृथ्वी राज कपूर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम मुकेश रमोला को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि 31 जुलाई 2026 तक चिन्हीकरण की अंतिम रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई तो 1 अगस्त 2026 से लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया कि 27 दिसंबर 2021 को जिला सभागार, उत्तरकाशी में आयोजित जिला चिन्हीकरण सलाहकार समिति की बैठक में शासन के निर्धारित मानकों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर 46 राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण पर सहमति बनी थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद अंतिम रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई।
आंदोलनकारियों ने बताया कि 30 सितंबर 2023 को आयोजित दूसरी बैठक में भी कई पात्र आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण पर सहमति बनी, लेकिन उन्हें अब तक आधिकारिक रूप से चिन्हित नहीं किया गया। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को केवल एक प्रकरण पर समिति से सलाह ली गई।
ज्ञापन के अनुसार 20 मई 2026 को हुई बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद 56 राज्य आंदोलनकारी शासन के मानकों के अनुसार पात्र पाए गए, लेकिन उनकी चिन्हीकरण रिपोर्ट भी अभी तक अंतिम रूप नहीं ले सकी है।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से जिला चिन्हीकरण सलाहकार समिति के सदस्य अपने निजी खर्च पर बैठकों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी जा रही। उनका कहना है कि राज्य आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज झेलने, घायल होने और गिरफ्तारी देने वाले आंदोलनकारियों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि 31 जुलाई 2026 तक चिन्हीकरण प्रक्रिया पूरी कर अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि तय समय सीमा तक कार्रवाई नहीं हुई तो 1 अगस्त 2026 से लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में पृथ्वी राज कपूर, मदन लाल अग्रवाल, कन्हैया लाल और आर.एस. चौहान सहित अन्य राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।






