
जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- आगामी कांवड़ मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने शुक्रवार को मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में कांवड़ यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों और विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद नगर पालिका सभागार, मुनिकीरेती में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकी पुल, मुनिकीरेती, तपोवन, रामझूला पुल और बजरंग सेतु सहित प्रमुख कांवड़ यात्रा मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान रामझूला पुल को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने पुलिस एवं एसडीआरएफ की तैनाती, घाटों की सुरक्षा, पार्किंग, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी घाटों पर सुरक्षा चेन लगाई जाए, गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते चेतावनी जारी की जाए। साथ ही सभी ड्यूटी प्वाइंट पर कार्मिकों की अनिवार्य तैनाती और पुलों में किसी भी प्रकार की क्षति होने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने लक्ष्मण झूला, जानकी सेतु और बजरंग सेतु पर समय से व्यू-कटर लगाने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालु पुलों पर रुककर फोटो और वीडियो न बना सकें तथा भीड़ नियंत्रित रहे। इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर बैरिकेडिंग, साफ-सफाई और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान ढालवाला, चन्द्रभागा और मुनिकीरेती पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी, बैरिकेडिंग और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पार्किंग रेट सूची प्रदर्शित करने तथा पार्किंग पर्ची पर पार्किंग स्थल का नाम और संपर्क नंबर अंकित करने के भी निर्देश दिए गए।
नगर पालिका मुनिकीरेती को कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्मार्ट टॉयलेट, मोबाइल टॉयलेट और पिंक टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं भद्रकाली क्षेत्र में एलईडी स्क्रीन आई-लेवल पर लगाने, रैन बसेरा संचालित रखने, खोया-पाया केंद्र स्थापित करने और चेंजिंग रूम की व्यवस्था दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने, कंट्रोल रूम स्थापित करने, 24×7 निगरानी रखने और नियमित निरीक्षण के माध्यम से समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में विद्युत, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, होटल एवं ढाबों में साफ-सफाई और रेट सूची, पार्किंग, कानून-व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को सभी पोल और ट्रांसफार्मरों का सेफ्टी ऑडिट कराने, सिंचाई विभाग को घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने, वन विभाग को यात्रा मार्ग में बाधक पेड़ों की लॉपिंग-चॉपिंग करने तथा नीर वाटर फॉल को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी को यात्रा मार्ग पर एंबुलेंस तैनाती, स्वास्थ्य शिविर स्थापित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वहीं एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, प्रभावी यातायात प्रबंधन तथा क्यूआरटी की सक्रिय तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
संवाददाता : चंद्रप्रकाश बहुगुणा






