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23 नन्हें बच्चों की जान बचाने वाले, कोतवाली इंस्पैक्टर ने अपनी जान पर खेलकर बहादुरी की मिसाल

इंस्पैक्टर राकेश कुमार को राष्ट्रपति एवार्ड से नवाजा गया

जन एक्सप्रेस /हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर सदर कोतवाली इंस्पैक्टर राकेश कुमार की बहादुरी और हौसले के लिये उन्हें पुलिस कप्तान दिक्षा शर्मा के हाथों राष्ट्रपति बहादुरी एवार्ड से नवाजा गया है। जबकि ये अवार्ड उन्हें खुद पुलिस कप्तान दिक्षा शर्मा के हाथों से दिया गया है। दरअसल 30 जनवरी 2020 में फतेहगढ़ के मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के करथिया गाँव में उस वख्त हड़कंप मच गया था,जब कत्ल के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा खतरनाक मुजरिम सुभाष बाथम जो जमानत पर छूटकर अपने घर के एक प्रोग्राम में शामिल होने आया था, तभी उसने अचानक 23 नन्हें बच्चों को बंधक बना लिया था, और उनकी रिहाई के एवज में 23 करोड़‌ रुपये की बेजा मांग कर डाली थी, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता था। वही‌ इस सनसनी खेज वारदात से जहाँ फतेहगढ़ जिला सन्नाटे में आ गया था, बल्कि पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था, मामला चूंकि 23 नन्हें बच्चों की जान के जोखिम का था, इसलिये पुलिस और प्रशासन की पहली तरजीह बच्चों की सही सलामत वापसी की थी। लेकिन खूंखार बदमाश ने हर बच्चे से एक करोड़ रुपये फिरौती और अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने की प्रशासन से बेजा मांग कर डाली थी। जबकि खूंखार बदमाश ने गाँव वालों के साथ ही नन्हें बच्चों के घर वालों में दहशत फैलाने के खतरनाक इरादे से ताबड़तोड़ गोलीबारी को अंजाम दे डाला था। वही उस वख्त मोहम्मदाबाद थाने के मौजूदा इंचार्ज राकेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों को छुड़ाने के लिए बदमाश को समझाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन उनके समझाने का बदमाश पर कोई असर नहीं हुआ, इसी बीच अचानक मौके पर बम ब्लास्ट हो गया, जिसमें इंचार्ज राकेश कुमार, सर्किल आफसर राजबीर सिंह सहित हेड कॉन्स्टेबल जयबीर सिंह जख्मी हो गये थे। जबकि मौके पर कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल सहित सीनियर आफसर भी मौके पर पहुंच चुके थे, और बदमाश से बात चीत की कोशिश में लगे थे, लेकिन खूंखार बदमाश सुभाष अपनी बेजा मांगों को लेकर अड़ा हुआ था। जबकि मामला बिगड़ता देख प्रशासन की दो टीमें पूरी तरह किसी भी हालात से निपटने के लिये एलर्ट मोड पर थीं, वही एक टीम की जिम्मेदारी आईजी मोहित अग्रवाल ने, तो दूसरी टीम की सीओ राजबीर सिंह ने सम्भाली, जिसमें इंचार्ज राकेश कुमार खासतौर से मौजूद थे। इसके बाद रात करीब 2 बजे पुलिस और खूंखार बदमाश के बीच मुठभेड़ शुरू हो चुकी थी, जबकि मुटभेड़ के दौरान खूंखार बदमाश सुभाष बाथम मारा गया और सभी नन्हें बच्चों को हिफाजत के साथ मौके से बाहर निकालकर उनके घरवालों के सुपुर्द किया गया था। इसके साथ ही प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।

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