चंद्रशेखर के नहीं पहुंचने पर उग्र हुई भीम आर्मी, वाहनों में तोड़फोड़, कई घायल
सर्किट हाउस में रोके गए सांसद चंद्रशेखर, करछना में कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, बाजार में मचाया तांडव

जन एक्सप्रेस प्रयागराज: करछना में उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब भीम आर्मी प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर ‘रावण’ के इसौटा गांव न पहुंच पाने से नाराज़ कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा। सर्किट हाउस में पुलिस द्वारा रोके जाने की खबर मिलते ही, सैकड़ों की संख्या में जुटे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने भड़ेवरा बाजार और हनुमानपुर मोरी क्षेत्र में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर आधा दर्जन से अधिक बसें, चार पुलिस वाहन और कई निजी गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दीं।
राहगीरों से मारपीट, बाजार में अफरा-तफरी, महिलाओं के साथ भी की अभद्रता
उपद्रवियों ने न केवल पुलिस बल पर हमला किया बल्कि राह चलते लोगों और दुकानदारों को भी नहीं बख्शा। कई राहगीरों की गाड़ियों को रोककर तोड़ा गया और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। बाजार में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ितों के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने दुकानें बंद कराईं और विरोध करने पर मारपीट की। हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर भेजी गई, लेकिन पत्थरबाज़ी रुक-रुक कर होती रही।
देवीशंकर प्रकरण बना बवाल की जड़, प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
गौरतलब है कि इसौटा गांव के देवीशंकर की अप्रैल में संदिग्ध हालत में जलकर मौत हो गई थी। भीम आर्मी नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने मृतक परिवार को अब तक कोई ठोस मदद नहीं दी, जिससे नाराज होकर चंद्रशेखर रावण गांव जाना चाहते थे। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उन्हें रोका, लेकिन इसकी सूचना मिलते ही कार्यकर्ता उग्र हो उठे। घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि प्रशासन की लचर तैयारियों और संवादहीनता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।






