उत्तराखंडपिथौरागढ़

पिथौरागढ़: अब घर-घर होगी गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सख्त

जन एक्सप्रेस/ पिथौरागढ़ : जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा पहुंचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने गर्भवती महिलाओं की निगरानी के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है, जिसके तहत अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हर गर्भवती महिला की डिजिटल और व्यक्तिगत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।

सीएमओ खुद ले रहे हैं फीडबैक

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एस.एस. नबियाल ने बताया कि जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) सुनिश्चित करने के लिए सभी गर्भवतियों का क्षेत्रवार चिन्हांकन किया गया है। खास बात यह है कि सीएमओ स्वयं प्रतिदिन गर्भवती महिलाओं को फोन कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ले रहे हैं और उन्हें अस्पताल में प्रसव के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

आशा और एएनएम की घर-घर दस्तक

नई एसओपी के तहत आशा कार्यकर्ता और एएनएम को पाबंद किया गया है कि वे समय-समय पर गर्भवतियों के घर पहुंचकर निम्नलिखित जांचें सुनिश्चित करें:

  • ब्लड प्रेशर (BP) और हीमोग्लोबिन की जांच।

  • वजन की नियमित मॉनिटरिंग।

  • पोषण, टीकाकरण और सरकारी योजनाओं (जैसे जननी सुरक्षा योजना) की जानकारी।

हाई-रिस्क प्रेगनेंसी के लिए हेली-रेस्क्यू

पहाड़ी भूगोल को देखते हुए विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी महिला में उच्च जोखिम (High-Risk Pregnancy) के लक्षण मिलते हैं, तो उसे तत्काल हेली सेवा के माध्यम से रेस्क्यू कर उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही निःशुल्क एंबुलेंस सेवा “खुशियों की सवारी” को भी 24×7 अलर्ट मोड पर रखा गया है।

चेतावनी: > स्वास्थ्य विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में भ्रमण करना अनिवार्य है। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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