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करोड़ों की लागत से बने आरआरसी सेंटर पड़े बंद, गांवों में फिर लगने लगे कूड़े के ढेर

जन एक्सप्रेस/ हरदोई: स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से विकास खंड हरपालपुर की 63 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) बदहाल स्थिति में पड़े हैं। कई सेंटरों पर ताले लटके मिले, जबकि कचरा संग्रहण के लिए खरीदे गए ई-रिक्शे भी उपयोग के अभाव में धूल फांक रहे हैं।

आरआरसी सेंटरों के बंद रहने का असर अब गांवों की स्वच्छता व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। गलियों, नालियों और तालाबों के किनारे दोबारा कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों को गंदगी और बदबू के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत पर सवाल

सरकार की ओर से गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने के लिए आरआरसी सेंटरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सेंटरों के संचालन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सेंटर बंद होने से कचरा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं कचरा उठाने के लिए खरीदे गए ई-रिक्शे भी कई जगह उपयोग के अभाव में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

पड़ताल में कई सेंटर मिले बंद

क्षेत्र में की गई पड़ताल के दौरान मलौथा के पास बने आरआरसी सेंटर पर ताला लटका मिला। सेंटर तक जाने वाला रास्ता झाड़ियों से घिरा हुआ था और आसपास अतिक्रमण की स्थिति भी दिखाई दी।

मलौथा ग्राम पंचायत के आरआरसी सेंटर का मुख्य गेट भी बंद मिला। वहीं इकनौरा ग्राम पंचायत में सेंटर का ताला खुला था, लेकिन मौके पर न तो कोई कर्मचारी मौजूद मिला और न ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था संचालित होती दिखाई दी।

इसी तरह ककरा (ज्योतिपुरवा) में आरआरसी सेंटर का मुख्य द्वार लोहे की जंजीर से बंद मिला। मौके पर कोई कर्मचारी या मशीनरी संचालित नहीं मिली।

बंद सेंटरों पर होगी कार्रवाई

मामले को लेकर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) रामनरेश ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों के आरआरसी सेंटर बंद पाए गए हैं, उनके जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंटरों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

आरआरसी सेंटरों के संचालन में लापरवाही सामने आने के बाद अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ गांवों की कचरा प्रबंधन व्यवस्था कितनी जल्दी पटरी पर लौटती है।

-बी जी मिश्र

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