आजमगढ़ जिला कारागार का औचक निरीक्षण: सचिव नितिका राजन ने महिला बैरक और पाकशाला की जांची व्यवस्था

जन एक्सप्रेस/ आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जनपद न्यायाधीश के दिशा-निर्देशों के क्रम में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नितिका राजन ने जिला कारागार, आजमगढ़ का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बंदियों को मिलने वाली विधिक सहायता और जेल की बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।
महिला बैरक और बच्चों के स्वास्थ्य की समीक्षा
सचिव ने विशेष रूप से महिला बैरक का दौरा किया, जहाँ वर्तमान में 58 महिला बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 4 ऐसी महिलाएं भी हैं जिनके साथ उनके बच्चे रह रहे हैं। सचिव ने माताओं से सीधा संवाद कर बच्चों को मिलने वाले दूध, फल और पौष्टिक आहार की उपलब्धता की जानकारी ली, जिस पर बंदियों ने संतोष व्यक्त किया।
कमियों पर जताई नाराजगी, दिए सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कमियां भी सामने आईं:
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एकांतवास (Solitary Cell): महिला बंदियों ने बताया कि लाइट कटने पर यहाँ अंधेरा रहता है। सचिव ने तत्काल जेल प्रशासन को जनरेटर बैकअप या लाइट की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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पाकशाला (Kitchen): महिला बैरक की पाकशाला में गंदगी मिलने पर सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा।
जेल लोक अदालत से त्वरित न्याय का मंत्र
निरीक्षण के उपरांत आयोजित विधिक जागरूकता कैंप में सचिव ने बंदियों को ‘जेल लोक अदालत’ के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा:
“जो बंदी जुर्म स्वीकारोक्ति (Plea Bargaining) के आधार पर अपने छोटे मुकदमों का निस्तारण कराना चाहते हैं, वे जेल के पराविधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें त्वरित न्याय और रिहाई का अवसर मिल सकता है।”
विधिक सहायता की उपलब्धता
जेल लीगल एड क्लीनिक के निरीक्षण में पाया गया कि 04 पराविधिक स्वयंसेवक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपस्थिति: इस अवसर पर डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, गौरव सिंह, अजय कुमार, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल आशीष कुमार राय और डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रवीण कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।






