लखनऊ जेल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमला
शातिर कैदी ने अलमारी की रॉड से किया ताबड़तोड़ वार, सिर में लगे छह टांके

लखनऊ, जन एक्सप्रेस। सपा सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और दुष्कर्म एवं खनन घोटाले में सजायाफ्ता गायत्री प्रसाद प्रजापति पर मंगलवार देर शाम गोसाईगंज की जिला जेल में जानलेवा हमला किया गया। जेल अस्पताल में सफाई कर रहे बंदी विश्वास ने अचानक अलमारी की रॉड से हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से गायत्री लहूलुहान हो गए। उन्हें तुरंत KGMU ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां माइनर ओटी में इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कैसे हुआ हमला? विवाद से लेकर वारदात तक की पूरी कहानी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रजापति ने सफाई कर रहे बंदी विश्वास को पानी लाने के लिए कहा था। देर से आने पर उन्होंने कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इससे भड़के विश्वास ने पास पड़ी अलमारी की रॉड उठाई और पूर्व मंत्री पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।चीखते हुए गायत्री अस्पताल से बाहर भागे लेकिन हमलावर ने पीछा कर फिर से वार किया। जेलकर्मियों और अन्य बंदियों ने हमलावर को काबू में किया। तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। सिर से बहते खून को रोकने की कोशिश की गई और प्राथमिक उपचार के तहत टांके लगाए गए।
KGMU में भर्ती, हालत खतरे से बाहर
जेल प्रशासन के अनुसार, सिर में गंभीर लेकिन जानलेवा नहीं चोट आई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया कि इलाज जारी है और स्थिति नियंत्रण में है। सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
परिवार ने जताई साजिश की आशंका
पूर्व मंत्री की बेटी अंकिता प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनके पिता पर जानलेवा हमला किसी गहरी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि उनके पिता को सुरक्षा दी जाए और दोषी बंदी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
कौन हैं गायत्री प्रजापति?
सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। लंबे समय से वे विभिन्न बीमारियों के चलते जेल अस्पताल में ही भर्ती हैं। जेल परिसर में रॉड जैसी वस्तु का होना और बंदी के हाथ लग जाना, जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।






