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कर्बला की कुर्बानी इंसानियत का पैगाम, जौनपुर में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब

जन एक्सप्रेस /जौनपुर: जौनपुर जमीने मुबारक कदम रसूल छोटी लाइन इमामबारगाह (भंडारी स्टेशन के समीप) शिया पंजतनी कमेटी के तत्वावधान में 28वां ऑल इंडिया मजलिस-ए-अज़ा व कदीम जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के नामचीन शिया धर्मगुरुओं ने शिरकत कर कर्बला के पैगाम को इंसानियत की राह दिखाने वाला बताया।

मुजफ्फरनगर से तशरीफ लाए मौलाना सैय्यद अजादार हुसैन ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की कर्बला में दी गई कुर्बानी कयामत तक इंसानियत को जुल्म के खिलाफ खड़े होने का हौसला देती रहेगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के इतिहास में अनेक कुर्बानियां दी गईं, लेकिन कर्बला जैसी मिसाल किसी भी मजहब में नहीं मिलती।

दिल्ली से आए मौलाना सैय्यद नामदार हुसैन व मौलाना इब्ने हसन जैदी ने कहा कि कर्बला की दास्तान जब भी बयान होती है, तो इंसानियत का सिर झुक जाता है। मैदान-ए-कर्बला में बुजुर्गों से लेकर मासूम बच्चों तक पर जो सितम ढाया गया, वह मानवता को झकझोर देने वाला है। अम्बेडकरनगर से आए मौलाना बाक़र मेहदी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) का संदेश सिर्फ मातम तक सीमित न रहे, बल्कि समाज में जागरूकता और इंसाफ की रोशनी फैलाए।

मजलिस की शुरुआत कारी फ़ज़ल आज़मी ने तिलावत-ए-क़ुरआन पाक से की। सोज़ख्वानी सैय्यद गौहर अली जैदी व हमनवां ने पेश की। पेशखानी में डॉ. शोहरत, हसन फतेहपुरी, वसी जौनपुरी, आबाद, खुमैनी आफाकी, डॉ. मोहम्मद मेहदी आज़ाद व मेहंदी जौनपुरी ने अपने कलाम से कर्बला के शहीदों को नजराना-ए-अकीदत पेश किया।

अलविदाई मजलिस में मौलाना सैय्यद अजादार हुसैन ने हजरत मोहम्मद साहब और उनके नवासों की कुर्बानियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हक और इंसाफ की खातिर अपना लहू कुर्बान कर दिया, लेकिन जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाया।

मजलिस के बाद शबीहे ताबूत, अलम मुबारक व जुलजनाह का कदीम जुलूस निकाला गया।
अंजुमन शमशीरे हैदरी ने नौहाख्वानी व मातम किया। “या हुसैन” की सदाओं से फिजा गूंज उठी। जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से होता हुआ इमामबारगाह कदम रसूल पहुंचकर सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के अंत में कमेटी की ओर से शाहिद मेहदी, नेहाल हैदर, कैफी रिजवी, ऐजाज हुसैन, रूमी आब्दी, नियाज हुसैन, रियाज मोहसिन, मोहम्मद अब्बास व हसनैन क़मर दीपु ने आभार व्यक्त किया। संचालन बेलाल हसनैन व मौलाना शेख हसन जाफर ने किया। इस अवसर पर डॉ. क़मर अब्बास, शहंशाह आब्दी, सैय्यद जफरुल रिजवी, आज़म जैदी, नयाब हसन सोनू, समीर प्रधान बिस्वा, इज़हार हुसैन, कुमैल मेहदी, असगर मेहदी, शाकिर जैदी सहित हजारों अज़ादार मौजूद रहे।

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