नेपाली नागरिक से विधायक को जान का खतरा, विधानसभा में फफक कर रोए सत्ताधारी विधायक सत्ता पक्ष–विपक्ष एकजुट, कार्रवाई की मांग तेज

जन एक्सप्रेस लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार तीसरे दिन को एक भावुक और गंभीर मामला सामने आया, जब सत्ताधारी दल के एक विधायक ने नेपाली नागरिक से जान का खतरा होने का आरोप लगाते हुए सदन में फफक कर रो पड़े। मामला सामने आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एकजुट नजर आए और संबंधित नेपाली नागरिक पर कार्रवाई की मांग की।अपना दल (एस) के सिद्धार्थनगर जिले के सौरठगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक विनय बर्मा ने आरोप लगाया कि नेपाली नागरिक अश्वनी द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है। विधायक ने सदन में बताया कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में नेपाली नागरिक द्वारा संचालित एक विद्यालय की जांच कराए जाने को लेकर जिला प्रशासन को पत्र लिखा था।विधायक के अनुसार, पत्र लिखे जाने के बाद संबंधित नेपाली नागरिक ने विधायक निधि से कराए गए कार्यों की जानकारी जन सूचना अधिकार (RTI) के तहत मांगी।
आरोप है कि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना गंभीरता के नेपाली नागरिक को पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी, जिससे विधायक आक्रोशित हो गए।विधायक विनय बर्मा ने सदन में कहा कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि यदि वे अपनी शिकायत वापस ले लें, तो नेपाली नागरिक भी अपनी शिकायत वापस ले लेगा। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत बल्कि विधायकों की गरिमा से जुड़ा विषय बताया।मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूरे प्रकरण की प्रमाणिक पुष्टि कराई जाएगी। वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने विधायक को बीच में ही रोकते हुए अपने पास बुलाया और मामले में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक अपने साथी विधायक के समर्थन में खड़े नजर आए और उन्हें सांत्वना दी। सदन में मौजूद कई सदस्यों ने विदेशी नागरिक को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।सूत्रों के अनुसार, यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है तथा शीतकालीन सत्र के दौरान फिर से गरमाने की संभावना है।






