उत्तर प्रदेशजौनपुर

गोशाला में सूखा भूसा खाकर जी रहे गोवंशीय, कीचड़ से सनी है पूरी गोशाला

आये दिन मर रहे बेजुबान, चुपके से कर दिया जा रहा दफन, चार गोवंशीय मरणासन्न हालत में

जन एक्सप्रेस/जौनपुर : मुजुक्कीपुर गांव में संचालित गोशाला में क्षमता से तीन गुना अधिक बेजुबानों को रख दिया गया है। जिसके चलते यह गोवंशियों के दुर्दशा का केंद्र बन कर रह गया है। यहां उन्हें खाने में सूखा भूसा, रहने के लिए कीचड़ से सना मैदान है। चूनी चोकर और हरा चारा सिर्फ कागजों में दिया जा रहा है। भूखे और बेहाल गोवंशियों की असामयिक मौत हो रही है। उनके शव चुपके से बगल भूमि में दफन कर दिया जा रहा है।
पचास गोवंशीय की क्षमता वाले उक्त पशु आश्रम केन्द्र में 152 गोवंशियों को रखा गया है। इनकी देखभाल के लिए मातादीन गुप्ता, दीपक गौतम और हरिशंकर यादव को मानदेय पर रखा गया है। गोशाले का मैदान कीचड़ से भरा हुआ है। मौके पर देखा गया तो यहां बहुत खामियां मिलीं। बेजुबानों को खाने के लिए सिर्फ सूखा भूसा उनकी नाद में पड़ा दिखा। हरा चारा और चूनी चोकर नदारद है। एक कमरे में दस से पंद्रह क्विंटल भूसा दिखाई दिया। फिलहाल यहां देखभाल के लिए तैनात किए गए कर्मचारियों ने भूसा रखे कमरे का दरवाजा नहीं खोला। चार गोवंशीय मरणासन्न हालत में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां आये दिन गोवंशियो की मौत हो रही है। जिन्हें चुपके से बगल भूमि में दफन कर दिया जाता है।

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