Sunday, November 27, 2022
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दिल्ली में हो रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को 3 दिनों से किया जा रहा नजरबंद

जन एक्सप्रेस/संवाददाता।
गोला गोकर्णनाथ खीरी। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में भागीदारी करने के लिए जाने तैयार बैठे  किसानों को दि० 3 जनवरी को लखीमपुर खीरी के किसानों को नजरबंद कर सरकार के तानाशाही रवौया खुलकर सामने आ गया है।इसी क्रम में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन आईटी सेल के जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित के आवास पर 2 जनवरी को रात 8:00 बजे से थाना हैदराबाद के हेलका एसआई जसवीर सिंह जी अपने दल बल के साथ आवास पर पहुंच गए और डेरा डाल कर अनिश्चितकालीन पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई।अंजनी दीक्षित ने कहा कि रात में सुबह तक दिल्ली में काफी बरसात हुई हड्डी गला देने वाली ठंडक पड़ रही है। ऐसी स्थिति में देश का किसान दिल्ली की सड़कों पर पड़ा हुआ है।50 किसान वीरगति को प्राप्त कर चुके हैं।सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है किसान नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है तब भी किसान भारी संख्या में दिल्ली पहुंच रहे हैं। अगर देश में ट्रेनें चल रही होती चीनी मिल बंद होते तो दिल्ली की चारों तरफ की सड़कें किसानों से 50 किलोमीटर तक भरी होती शासन प्रशासन की रोक के बावजूद किसान भारी संख्या में दिल्ली पहुंच रहे हैं। जब तक यम यस पी की गारंटी का कानून नहीं बन जाता किसान विरोधी काले कानून वापस नहीं हो जाते तब तक आंदोलन जारी रहेगा।सरकार ने अब तक गन्ना रेट भी घोषित नहीं किया पर्ची पर डबल जीरो लिखकर आ रहा है क्या पूरा सीजन समाप्त होने के बाद गन्ना रेट घोषित की जाएगी पूर्व वर्ष का गन्ना भुगतान मात्र 24 फरवरी तक बजाज चीनी मिल गोला द्वारा किया गया है किसान एक-एक पैसे के लिए मोहताज हैं। सरकार को नजर नहीं आ रहा अभी कुछ दिन पूर्व केंद्र सरकार द्वारा कहा गया गन्ना किसानों के खाते में सरकार सीधे सब्सिडी भेज रही है जिससे किसानों का फायदा होगा।चीनी मिल वह सब्सिडी का पैसा अपने बकाया भुगतान भेजने पर काट लेंगे तो सब्सिडी का फायदा चीनी मिल को हुआ नाम किसानों का लिया गया।उसी प्रकार से यह तीनों कानून किसानों के नाम से लाए गए हैं जिसका फायदा उद्योगपति उठाएंगे अगर सरकार किसानों के प्रति वास्तव में संवेदनशील है तो एमएसपी की गारंटी का कानून बनाएं जो घोषित रेट से किसानों की फसल को खरीदे अन्यथा अन्यथा जेल भेजा जाए।उसको जेल भेजा जाए आखिर कब तक किसानों की कुर्बानी सरकार कराती रहेगी 4 जनवरी की होने वाली बैठक में सरकार अपने कानून वापस ले और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने का प्रस्ताव भेजें किसानों के घर घर पुलिस लगाकर आंदोलन को रोका नहीं जा सकता जिससे आंदोलन में और तेजी आएगी जितनी भी आगे गर्मी बढ़ेगी आंदोलन उतना ही और गर्म होता चला जाएगा। इस अवसर पर लालजी प्रसाद गौतम, दिनेश कुमार राज रंजीत कुमार मौर्या संजय कुमार गौतम नवल किशोर शुक्ला लालता प्रसाद शुक्ला संत कुमार मिश्रा राजेश कुमार मिश्रा सहित कई किसान एकत्रित रहे।
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